नई दिल्लीः प्रधानमंत्री Narendra Modi आज रात ठीक 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि वे महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देंगे और अपनी सरकार का पक्ष स्पष्ट करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीएम महिला आरक्षण बिल पर बोल सकते हैं। बता दें कि शुक्रवार को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पास नहीं हो पाया था। 12 साल में पहली बार ऐसा हआ है कि मोदी सरकार के राज में कोई बिल विपक्ष ने गिरा दिया हो। विपक्ष जहां इसे अपनी जीत मानकर जश्न मना रहा है, वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल विपक्ष पर हमलावर हैं। इस पूरे मुद्दे पर अब देश की नजर प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन पर टिकी हुई है।
लोकसभा में पास नहीं हो पाया बिल
महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक लोकसभा में जरूरी समर्थन हासिल नहीं कर सका। इस बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन वोट कम पड़ गए, जिसके कारण यह बिल गिर गया।
विपक्ष ने मनाया जश्न
बिल गिरने के बाद विपक्षी दलों—जैसे कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी—ने इसे अपनी जीत बताते हुए खुशी जताई। विपक्ष का कहना है कि सरकार इस बिल के जरिए राजनीतिक फायदा उठाना चाहती थी।
कोयंबटूर रैली के बाद करेंगे संबोधन
पीएम आज Coimbatore में एक रैली को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद उनका राष्ट्र के नाम संदेश प्रसारित किया जाएगा।
सत्ता पक्ष का विपक्ष पर हमला
भाजपा और एनडीए के नेताओं ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि विपक्ष महिला विरोधी है और उसने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण बिल का समर्थन नहीं किया।
कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विशेष सत्र में बिल लाने के पीछे सरकार की मंशा साफ नहीं थी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महिलाओं के नाम पर परिसीमन (सीटों के बंटवारे) का खेल खेला जा रहा है और इससे उत्तर भारत के राज्यों को ज्यादा राजनीतिक ताकत मिल सकती है।
रात में ही बनी रणनीति
बिल गिरने के तुरंत बाद एनडीए नेताओं ने बैठक की और आगे की रणनीति तैयार कर ली। इसके बाद सुबह से ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
महिलाओं के मुद्दे पर सियासी घमासान
भाजपा का कहना है कि इस घटना से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है और वह महिलाओं के हितों के खिलाफ है। वहीं विपक्ष का दावा है कि सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल सिर्फ राजनीति के लिए कर रही है।
