लुधियानाः पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए चलाया जा रहा चेकिंग अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में सतलुज नदी के किनारे स्थित कुतबेवाल इलाके में सरकारी खड्डों में अधिकारियों द्वारा विशेष जांच की गई। इस दौरान मौके पर मौजूद टिप्पर की गहनता से जांच की गई और टिप्पर मालिकों से रेत भराई संबंधित रसीदें भी चेक की गईं। अधिकारियों ने सख्ती से निर्देश दिए कि कोई भी वाहन बिना उचित दस्तावेजों के रेत की ढुलाई नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति अवैध खनन करते पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना लाडोवाल के एएसआई दलबीर सिंह ने कहाकि उन्हें अवैध माइनिंग की सूचना मिली थी। जिसके बाद वह माइनिंग विभाग से मिले।
माइनिंग विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बनती कार्रवाई की जा रही है। वहीं हरकमलप्रीत सिंह ने कहाकि लीगल काम किया जा रहा है। उन्होंने अवैध माइनिंग की बात को सिरे से खारिज किया है। वहीं टिप्पर चालक हरविंदर सिंह ने कहा कि पर्ची के आधार पर खड्ढ से मिट्टी की ढुलाई की जा रही है। एसडीओ शोफिग विर्क ने कहाकि उन्हं कुछ लोगों की शिकायतें मिल रही। उन्होंने कहाकि यह सीएमएस सरकारी खड्ढ है और यहां पर जांच के दौरान पाया गया कि लीगल काम हो रहा था। उन्होंने कहा कि गहनता से मामले को लेकर जांच की गई है। एसडीओ ने कहाकि इसी तरह सभी जगह शिकायत मिलने पर जांच की जाती है और यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
वहीं खेतीबाड़ी दविदंर सिंह ने कहा कि एक नंबर की खड्ढ है और यहां पर कोई अवैध तरीके से काम नहीं हो रहा। उन्होंने कहाकि कुछ गलतफहमी हो गई थी। एसडीओ द्वारा मामले की जांच की गई और सरकारी पर्ची भी टिप्पर चालक से पाई गई। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने पंजाब सरकार के इस कदम की सराहना की। लोगों का कहना है कि अवैध खनन से न सिर्फ सरकार को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के चेकिंग अभियान लगातार चलते रहने चाहिए ताकि गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। यह अभियान सरकार की तरफ से पारदर्शिता और कानून के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
