धर्म: इस साल अक्षय तृतीया बहुत ही खास होने वाली है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार ऐसा दुर्लभ महासंयोग बन रहा है जो करीबन 100 साल बाद देखने को मिल रहा है। कई शुभ योगों का एक साथ बनना इस दिन को और भी शक्तिशाली बना रहा है। मान्यताओं के अनुसार, इस बार तिथि पर किए गए शुभ काम का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। जीवन में स्थायी-सुख-समृद्धि लाता है।
100 साल बाद बनने वाला है दुर्लभ महासंयोग
इस बार अक्षय तृतीया पर आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, गजकेसरी योग, त्रिपुष्कर योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे कई शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं। सूर्य और चंद्रमा की मजबूत स्थिति इस दिन की शुभता को और भी ज्यादा बढ़ा रही है। ऐसे में यह दिन धन, सफलता और नई शुरुआत के लिए खास माना जा रहा है।
पूजा का शुभ समय क्या है?
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ समय सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। खरीददारी का शुभ मुहूर्त सुबह 10:49 बजे से लेकर पूरे दिन शुभ रहेगा। इस दिन तृतीया तिथि सुबह से शुरु होकर अगले दिन तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान सोना-चांदी खरीदना, निवेश करना और नए काम शुरु करना बहुत शुभ माना जाता है।
पूजा विधि
अक्षय तृतीया के दिन सबुह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ कपड़े पहनें और घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रति स्थापित करें। उन्हें पीले फूल, धूप, दीप और नैवेद् अर्पित करें। इसके बाद ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें। पूजा के अंत में आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
