Georgia Meloni Today News: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्के और नकाब पर बैन लगाने का बड़ा फैसला लिया है। साथ ही एक मीडिया बयान में जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि हर क्लास में विदेशी स्टूडेंट्स की संख्या कम करेगा। ये फैसला ऐसे समय लिया गया है कि जब इटली में अगले साल आम चुनाव होने वाले हैं। मेलोनी के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है।
फैसले को लेकर जानकारी देते हुए मेलोनी ने बताया कि हर क्लास में विदेशी स्टूडेंट्स की मैक्सिमम संख्या कानूनी तौर पर तय करने के लिए जल्द ही एक उपाय कैबिनेट मीटिंग में पेश किया जाएगा। इसके तहत उन विदेशी स्टूडेंट्स के माता-पिता को भी इटैलियन सीखना होगा जिन्हें स्कूल सिस्टम में घुलने-मिलने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं और स्कूलों में बुर्के और नकाब पर बैन है। इससे पहले नेशनल फ्यूचर (FN) पार्टी ने स्कूलों में बुर्के के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी।
जानें चुनाव में कौनसा मुद्दा रहेगा खास
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को होने चुनाव से पहले ये फैसला कितना सही व गलत साबित होतो ये देखना वाला मामले होगा। इससे पहले मार्च 2026 में न्यायिक सुधार को लेकर इटली में मेलोनी ने जनमत संग्रह कराया था, जिसमें उन्हें मुंह की खानी पड़ी थी. इसके बाद मेलोनी ने आम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने अपने कोर दक्षिणपंथी वोटरों को साधने के लिए कई बड़े फैसले लिए. इसी कड़ी में बुर्का का मामला है।
इटली के 2022 के चुनाव में 26 प्रतिशत मतदाताओं ने बाहरी यानी अप्रवासी को मुद्दा बनाया था। वहीं मुसलमान भी वहां पर एक बड़ा मसला है। इटली में करीब 3 प्रतिशत मुसलमान रहते हैं। अलजजीरा के मुताबिक इटली के स्कूलों में करीब 20 प्रतिशत ऐसे बच्चे हैं, जो अप्रवासी हैं. इसी को मुद्दा बनाकर मेलोनी चुनाव में बढ़त हासिल करना चाहती है।
दुनिया के इन देशों में बुर्का पर है बैन
फ्रांस, चीन, इटली समेत दुनिया के 24 देशों में बुर्का पर बैन लगाया जा चुका है. बुर्का पर सबसे ज्यादा यूरोप के 10 देशों में बैन लगाया गया है। इनमें फ्रांस, इटली, पुर्तगाल, स्टिजरलैंड, बेल्जियम, बुल्गिरिया, नीदरलैंड, डेनमार्क शामिल हैं। इसी तरह एशिया के 7 देशों ने बुर्का पर प्रतिबंध लगा रखा है। चीन का नाम इसमें सबसे ऊपर है।