नई दिल्ली: होर्मुज संकट के बीच ट्रंप के एक और फैसले से अब दुनिया भर में तेल की कीमतें ऊपर जाने वाली हैं। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल और अन्य एनर्जी के प्राइस बढ़ जाएंगे जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा आ गया है। वैश्विक तेल संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रुसी कच्चे तेल की खरीद पर दी गई अस्थाई प्रतिबंध में मिली छूट को रिन्यू करने से मना कर दिया है। इस कारण अब ये छूट खत्म हो चुकी है। भारत के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि भारत मिडिल ईस्ट संकट के बीच रुस से निर्बाध तेल हासिल कर रहा था।
साथ ही वैश्विक तेल बाजार के लिए भी बड़ा झटका है क्योंकि रुस कच्चे तेल का बड़ा निर्यातक है जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका दिख रही है। रुस-यूक्रेन जंग के कारण अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रुसी तेल पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं हालांकि मार्च 2026 में ईरान जंग शुरु होने और होर्मुज ब्लॉकेड होने के बाद ग्लोबल मार्केट में तेल की भारी कमी हो गई थी जिसके बाद बाजार को संतुलित बनाए रखने के लिए ट्रंप सरकार ने मार्च में एक खास छूट दी थी जो 16 मई तक बढ़ाया गया था।
यह छूट सिर्फ उन तेलों पर थी जो समंदर में टैंकरों पर लोड किए गए थे हालांकि इसके बाद से ही यूरोपीय देश इस छूट का लगातार विरोध कर रहे थे। उनका मानना था कि तेल बिक्री से मिलने वाला पैसा रुस के युद्ध फंड को मजबूत कर रहा है। अब इस विरोध के बाद ट्रंप सरकार ने शनिवार को छूट को खत्म कर दिया गया है।
मार्च 2026 से अप्रैल 2026 के बीच भारत के यूरोप से तेल आयात ज्यादा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संकट और Strait of Hormuz में तनाव बढ़ने के बाद भारत ने रुसी तेल आयात में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है।
इनमें से करीब 50% हिस्सा रुस का था। मिडिल ईस्ट से सप्लाई 61 फीसदी तक गिर गई थी। गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में रुस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बना रहा। भारत के कच्चा तेल फरवरी के मुकाबले करीब 85 फीसदी स्तर पर रहे। अप्रैल में रुसी कच्चे तेल का आयात लगभग 1.57 मिलियन बैरल हर दिन तक रहे जो मार्च के मुकाबले करीबन 20% कम थे।
इस वजह से पेट्रोल डीजल के दाम
कुछ दिन पहले ही भारत ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। साथ ही सीएनजी की कीमत भी बढ़ा दी थी हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर तेल की कीमतें ऊपर बनी रहती है तो पेट्रोल डीजल के दाम फिर से बढ़ सकते हैं।

