HomeHimachalUnaतकनीक और जनभागीदारी से सुदृढ़ होगी जल प्रबंधन व्यवस्था : डॉ. अभिषेक...

तकनीक और जनभागीदारी से सुदृढ़ होगी जल प्रबंधन व्यवस्था : डॉ. अभिषेक जैन

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला में प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा

ऊना, सुशील पंडितः उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को तकनीक आधारित, अधिक जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में गुरुवार को हरोली में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने की। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य पेयजल,  सिंचाई,  सीवरेज,  जल संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन सहित सभी सेवाओं का समयबद्ध,  प्रभावी और जन केंद्रित संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने इसके लिए तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग, जवाबदेही और जनभागीदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायत किसी भी माध्यम से प्राप्त हो, उसका अधिकतम 10 दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कारण तत्काल समाधान संभव न हो तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी अवश्य दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ व्यवहार संवेदनशील और सकारात्मक हो तथा प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए।

बैठक में उपायुक्त जतिन लाल, इंजीनियर-इन-चीफ (प्रोजेक्ट) जल शक्ति विभाग मंडी धर्मेंद्र गिल, इंजीनियर-इन-चीफ अंजू शर्मा, मुख्य अभियंता हमीरपुर जोन रोहित दुबे, मुख्य अभियंता शिमला अनिल मेहता सहित ऊना,  हमीरपुर, बिलासपुर तथा हमीरपुर जोन के अंतर्गत आने वाले मंडी जिले के क्षेत्रों जोगिंदरनगर,  धर्मपुर और चौंतड़ा से जल शक्ति विभाग के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, कंसल्टेंट, पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभागीय योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहे।

डॉ. जैन ने कहा कि राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों का उद्देश्य प्रगति रिपोर्ट ही देखना नहीं, योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फील्ड स्तर पर आकलन करना है। अधिकारी नियमित रूप से गांवों में जाकर लोगों से संवाद करें और उनकी जरूरतों व सुझावों के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार करें। इस श्रृंखला की शुरुआत कुल्लू से हुई है। आज ऊना में हूंसमीक्षा बैठक के बाद अगली बैठकें पालमपुर और शिमला में होंगी।

जनभागीदारी को बताया योजनाओं की सफलता की कुंजी
जल शक्ति विभाग की योजनाओं की सफलता में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत प्रतिनिधियों,  जल समितियों और स्थानीय लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि घरेलू स्तर पर जल प्रबंधन में उनकी भूमिका अत्यंत अहम है। लोगों में यह भावना विकसित की जाए कि विभागीय योजनाएं उनकी अपनी हैं और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी समाज की है।

अधिकारी करें नियमित निरीक्षण
प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं का प्रत्येक माह एसडीओ तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं का अधिशासी अभियंता स्वयं निरीक्षण करें। निरीक्षण पूर्व निर्धारित न होकर औचक हों तथा उनकी रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाए। उन्होंने अधिकारियों को दूरदराज क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर लोगों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।

संसाधन मैपिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश
उन्होंने विभाग की भूमि, भवन, मशीनरी एवं अन्य परिसंपत्तियों की संसाधन मैपिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय परिसंपत्तियों का अद्यतन डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाए, जिससे उनके प्रभावी प्रबंधन, निगरानी और संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।

प्रधान सचिव ने विभाग के अच्छे कार्यों का दस्तावेजीकरण करने, लघु वीडियो तैयार करने तथ साथ ही नई तकनीकों, बेहतर कार्यप्रणालियों तथा प्रबंधन, नेतृत्व एवं स्मार्ट गवर्नेंस से जुड़े अध्ययन का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अवैध खनन से यदि किसी पेयजल अथवा सिंचाई योजना को खतरा हो तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए। साथ ही बावड़ियों, खुइयों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, पेयजल योजनाओं में लीकेज, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन लॉस कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मानसून को लेकर तैयारियों पर बल, जोखिम वाली योजनाओं पर रखें विशेष नजर
प्रधान सचिव ने मानसून की तैयारियों पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को संभावित जोखिम वाली योजनाओं की पहले से पहचान करने तथा आवश्यक मशीनरी और संसाधन पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य जल शक्ति योजनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवश्यक संसाधनों की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराने को भी कहा।

जल संरक्षण के लिए तालाबों के विकास पर दिया जोर
जल संरक्षण और ऊर्जा दक्षता को विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर बल देते हुए उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों, तालाबों और जलाशयों के संरक्षण के साथ नए तालाब विकसित करने के निर्देश दिए। हरोली के पुबोवाल तालाब का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे अनुकरणीय मॉडल बताया और कहा कि ऐसे प्रयास अन्य जिलों में भी किए जाने चाहिए। उन्होंने मनरेगा और जल शक्ति विभाग के अभिसरण से जल संरक्षण संबंधी कार्यों को और गति देने पर जोर दिया।

प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने पेयजल, सिंचाई, सीवरेज, ड्रेनेज, बाढ़ प्रबंधन तथा जल संरक्षण से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने 24.10 करोड़ रुपये की टाहलीवाल सीवरेज योजना, 22 करोड़ रुपये की प्रस्तावित टाहलीवाल ड्रेनेज योजना, 75 करोड़ रुपये की बीत एरिया सिंचाई परियोजना-द्वितीय, हरोली क्षेत्र में लगभग 97 करोड़ रुपये की कमांड एरिया डेवलपमेंट एवं मॉडर्नाइजेशन परियोजनाओं, बल्क ड्रग पार्क की पेयजल व्यवस्था, 170 करोड़ रुपये की भभौर साहिब पेयजल परियोजना तथा सनौली माजरा ड्रेनेज योजना की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश को जल जीवन मिशन के तहत 250 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। लंबित एक्शन प्लान तत्काल अपलोड करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्वीकृत धनराशि समय पर उपलब्ध हो सकेगी और कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। इसके अलावा नाबार्ड की लंबित प्रोजेक्ट कम्प्लीशन रिपोर्ट शीघ्र पूरी करने तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के शेष कार्यों में तेजी लाने को कहा।

साथ ही 145 करोड़ रुपये की हमीरपुर जोन एडीबी परियोजना, 142 करोड़ रुपये की ऊना एडीबी परियोजना तथा 140 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सकराई खड्ड बाढ़ प्रबंधन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनके समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन तथा बिजली आपूर्ति के अभाव में लंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

कार्यप्रणाली की मजबूती के निर्देश
प्रधान सचिव ने विभागीय कार्यालयों को चरणबद्ध ढंग से ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ने, सभी निविदा एवं कार्यालयीन प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ संचालित करने तथा नए पेयजल कनेक्शनों से जुड़े मामलों का एक माह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइप एवं मोटर चोरी की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने, विभागीय कार्यालयों एवं योजनाओं के सूचना बोर्डों को अद्यतन रखने तथा विभागीय विश्राम गृहों के रखरखाव के लिए जारी 50 सूत्रीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

पंचायत प्रतिनिधियों और जल समितियों से लिया फीडबैक
बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने पंचायत प्रतिनिधियों, जल समितियों के सदस्यों तथा लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पेयजल, सिंचाई,  जल गुणवत्ता,  औद्योगिक क्षेत्रों में जलापूर्ति, पानी की उपलब्धता, टैंकों एवं खड्डों की सफाई सहित विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जलजनित बीमारियों की स्थिति की भी जानकारी ली तथा लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवाओं में निरंतर सुधार पर जोर दिया।

समन्वय और टीम वर्क पर दिया जोर
इस अवसर पर प्रमुख अभियंता (प्रोजेक्ट) जल शक्ति विभाग मंडी इंजीनियर धर्मेंद्र गिल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व एवं प्रधान सचिव डॉ अभिषेक जैन के मार्गदर्शन में विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और समन्वय को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि नवाचार, तकनीक के उपयोग और टीम वर्क के माध्यम से विभाग बेहतर परिणामों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय बनाकर एक टीम के रूप में कार्य करता रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जिले में पेयजल, सिंचाई तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उनका लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।

तकनीकी सत्रों में आईओटी और जल गुणवत्ता पर चर्चा
उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में आईओटी आधारित मॉनिटरिंग, जल स्रोतों के संरक्षण एवं रिचार्ज, उपभोक्ता-केंद्रित सेवा वितरण तथा ग्रामीण पेयजल योजनाओं में जल गुणवत्ता बनाए रखने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की। विभिन्न पैनल चर्चाओं में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यवहारिक सुझाव दिए।

उत्कृष्ट कार्य पर अधिकारियों को किया सम्मानित, प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्र
समापन अवसर पर प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किए। विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। सम्मानित अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता विकास कपूर, नरेश धीमान, राहुल दुबे, अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य, विवेक हाजरी, पुनीत शर्मा, पंकज कुमार तथा सहायक अभियंता अमित चौधरी, रविंद्र कुमार, राकेश, आशीष चौधरी, निशा, प्रदीप राठौर, अविनाश पराशर, पवन और अमन कुमार शामिल रहे।

जनप्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री का जताया आभार
जनसंवाद के दौरान हरोली क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों एवं लाभार्थियों ने जल शक्ति मंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में पेयजल, सिंचाई, सीवरेज तथा अन्य जल शक्ति परियोजनाओं को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं की स्वीकृति तथा जल समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में हुए कार्यों का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।

सुभद्रा चौधरी, रमन कुमारी, यशपाल राणा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन का भी आभार व्यक्त किया।

 

- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -