नई दिल्ली: सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने इन्फ्लुएंसर्स के लिए नए नियम लागू किया है। अगर इस निमय का उल्लंघन किया जाता है, तो 50 हजार रुपये तक की रकम भरनी पड़ सकती है, साथ ही 6 महीने के लिए किसी भी ब्रांड का प्रचार करने से रोका जा सकता है। यह नया नियम शुक्रवार को ही लागू कर दिया गया। CCPA की प्रमुख निधि खरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब एक विज्ञापनदाता और एक सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंस करने वाले के बीच कोई डील होती है, तो उस डील को डिस्क्लोज करने की आवश्यकता होगी। सीसीपीए की ओर से ग्राहकों की सुरक्षा और पादर्शिता लाने के लिए ये नियम लाया गया है। अनुमान है कि 2025 तक विज्ञापन का मार्केट 2,800 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
किन लोगों पर लागू होंगे ये नियम
सीसीपीए ने अपने दिशानिर्देश में कहा कि उन सभी व्यक्तियों पर ये नियम लागू होंगे, जो लोगों को अपने काम या विज्ञापन से प्रभावित करते हैं। तस्वीर में सभी जानकारियां स्पष्ट तौर पर बताना अनिवार्य है। वहीं वीडियो के मामले में कोई भी जानकारी आप छिपा नहीं सकते हैं। विवरण के अलावा वीडियों में भी ब्रांड की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
हो सकती है कानूनी कार्रवाई
उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि नए दिशानिर्देश पर्सनल केयर और कपड़ों के सेगमेंट पर सबसे अधिक प्रभाव डालेंगे क्योंकि वे सबसे बड़ी कैटेगरी हैं, जो उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का चयन करती हैं। रोहित कुमार सिंह ने कहा कि अगर गैर-अनुपालन होता है, तो नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करने के लिए ग्राहकों को अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कानून के तहत प्रावधान हैं।
भ्रामक चीजों को डिस्क्लोज करना जरूरी
सीसीपीए ने अपने दिशानिर्देश में कहा कि किसी भी ब्रांड का प्रचार करने के साथ ही उसके भ्रामक चीजों का उजागर करना भी जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उस ब्रांड पर जुर्माना के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

