चंडीगढः पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान को बढ़ी सफलता मिल रही है। पुलिस की लगातार कार्रवाई से कई आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के चलते लोगों का सरकार और पंजाब पुलिस पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। नशे के खिलाफ लड़ाई में आम जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि लोगों की गुप्त भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। इन ई-रिक्शाओं के माध्यम से नशा छोड़ने और नशे से दूर रहने का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही नागरिक बिना अपनी पहचान उजागर किए नशा तस्करी से संबंधित शिकायतें और अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकेंगे। जनता का सहयोग इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार लोगों की गोपनीयता की पूरी रक्षा करेगी। इस बीच पंजाब पुलिस ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के 460वें दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में 100 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1.6 किलोग्राम हेरोइन, 1110 नशीली गोलियां और 16,500 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्य में नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार छापेमारी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अभियान के तहत अब तक कुल 66,687 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार और पुलिस का दावा है कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार न केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, बल्कि नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी व्यापक स्तर पर काम कर रही है। नशा ग्रस्त लोगों को काम करने के लिए भी प्रोत्साहित करते हुए उन्हें काम सिखाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्रशासन को दें। इसी के साथ उन्होंने जनता से अपील की कि लोग इस मुहिम को लेकर अपने सुझाव भी दे सकते हैं, ताकि इसे ओर बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
