चंडीगढ़, 21 मई: पंजाब की 62 वर्षीय महिला भूर कौर की जान मुख्यमंत्री सेहत योजना (Mukh Mantri Sehat Yojana) के तहत समय पर मिले इलाज से बच गई। कई वर्षों से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रही भूर कौर की हालत अचानक इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें तुरंत ICU में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज और सरकारी स्वास्थ्य योजना की सुविधा मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी।
परिवार के मुताबिक भूर कौर पिछले 15 से 16 वर्षों से डायबिटीज और हाइपरटेंशन की मरीज थीं। दवाइयों और नियमित जांच के जरिए उनकी बीमारी नियंत्रित चल रही थी। लेकिन अचानक उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़कर 550 mg/dL तक पहुंच गया, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर थी कि सोचने का समय तक नहीं मिला और तुरंत अस्पताल लेकर जाना पड़ा।
भूर कौर की बहू परमजीत ने बताया कि परिवार पूरी तरह घबरा गया था। उन्होंने कहा कि उस समय केवल दुआ और इलाज की उम्मीद ही सहारा थी। उनके बेटे हरपाल, जो गुरुद्वारे में पाठी के रूप में सेवा करते हैं, ने कहा कि परिवार के लिए यह बेहद मुश्किल समय था और ऐसा लग रहा था जैसे जिंदगी अचानक रुक गई हो।
संगरूर के सुनाम स्थित कश्मीरी हार्ट केयर सेंटर में डॉक्टरों ने भूर कौर को गंभीर हालत में भर्ती किया। अस्पताल के क्लीनिकल कार्डियोलॉजिस्ट और मैनेजिंग डायरेक्टर Dr. Anshuman Phull ने बताया कि मरीज को Diabetic Ketoacidosis (DKA), गंभीर संक्रमण और Acute Respiratory Failure की स्थिति में अस्पताल लाया गया था।
डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक ब्लड शुगर की वजह से शरीर में खतरनाक मेटाबॉलिक असंतुलन पैदा हो गया था। मरीज को गंभीर डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और अंगों पर दबाव जैसी समस्याएं थीं। इसके अलावा उन्हें सेप्सिस भी हो गया था, जिसमें संक्रमण शरीर के अंगों को प्रभावित करना शुरू कर देता है। डॉक्टरों ने कहा कि ऐसी स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है।
अस्पताल पहुंचते ही भूर कौर को ICU में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों ने तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट, IV इंसुलिन, एंटीबायोटिक्स, फ्लूइड्स और लगातार मॉनिटरिंग शुरू की। डॉक्टरों ने बताया कि शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण थे क्योंकि एक साथ कई गंभीर समस्याओं का इलाज करना पड़ रहा था।
परिवार ICU के बाहर लगातार इंतजार करता रहा। डॉक्टरों के मुताबिक तीसरे दिन मरीज की हालत में सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे। उनका ऑक्सीजन लेवल बेहतर हुआ और संक्रमण कम होने लगा। कुछ समय बाद उन्हें होश भी आ गया, जिसे डॉक्टरों ने सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत बताया।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने इस पूरे इलाज में अहम भूमिका निभाई। डॉक्टरों के अनुसार मरीज योजना के तहत कवर थी, इसलिए इलाज शुरू करने में किसी तरह की देरी नहीं हुई। ICU में भर्ती और जरूरी मेडिकल प्रक्रियाएं तुरंत शुरू कर दी गईं।
डॉ. अंशुमन फुल ने कहा कि गंभीर मेडिकल इमरजेंसी में इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही हैं क्योंकि इससे लोग बिना आर्थिक चिंता के तुरंत इलाज शुरू करवा सकते हैं।
अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहीं भूर कौर ने डॉक्टरों और पंजाब सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी घटना याद नहीं है, लेकिन इतना समझ में आता है कि उनकी हालत बहुत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि सेहत कार्ड और समय पर मिले इलाज की वजह से आज वह जीवित हैं।
भूर कौर के परिवार ने भी अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का आभार जताया। हरपाल ने कहा कि परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी और समय पर मदद मिलने से उनकी मां की जान बच गई। परमजीत ने कहा कि उस कठिन समय में विश्वास के साथ-साथ मेडिकल सहायता भी बेहद जरूरी साबित हुई।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। नियमित जांच, दवाइयों का सही इस्तेमाल और अचानक तबीयत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं लोगों को समय पर इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार गंभीर मामलों में यही समय पर मिलने वाली सहायता जीवन और मृत्यु के बीच अंतर साबित हो सकती है।
