पंजाब में शांति के लिए सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होने की जरूरत : बिट्टा
अमृतसरः ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एमएस बिट्टा ने एएसआई हरजीत सिंह के घर जाकर परिवार के दुख में हिस्सा लिया। हरजीत सिंह की हाल ही में अमृतसर में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। शोक व्यक्त करते उन्होंने कहा कि पुलिस और सेना के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना समाज और जनता की सुरक्षा के लिए अपनी ड्यूटी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनकर ड्यूटी पर जाने वाला सैनिक या अधिकारी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालता है।
बिट्टा ने पंजाब के युवाओं को सही दिशा दिखाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज 18 से 20 साल के युवाओं को उनके भविष्य और उन्हें किस रास्ते पर चलना चाहिए, यह समझने में मदद करना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि राजनेता अपनी लड़ाइयों और मुद्दों में उलझे रहते हैं, जबकि समाज के विभिन्न वर्गों की भी यह ज़िम्मेदारी है कि वे नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाएं।
उन्होंने धार्मिक और सामाजिक नेताओं से अपील की कि वे युवाओं को हथियारों और हिंसा से दूर रखें और इसके बजाय उन्हें पंजाब में शांति बनाए रखने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि पंजाबी गायकों, फिल्म कलाकारों और धार्मिक उपदेशकों का युवाओं पर काफी प्रभाव है और उन्हें गांवों का दौरा करके युवाओं को सकारात्मक सोच और नई दिशा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
परिवार की सरकारी नौकरी की मांग के बारे में बिट्टा ने कहा कि सरकार पहले ही एक नौकरी देने के लिए सहमत हो गई है और वह दूसरी नौकरी के लिए परिवार की मांग को भी अधिकारियों के सामने रखेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह और उनके सहयोगी परिवार की हर संभव मदद करेंगे ताकि इस मुश्किल समय में वे अकेले न रहें। पंजाब में पुलिसकर्मियों को बार-बार निशाना बनाए जाने और पुलिस अधिकारियों को सादे कपड़ों में रहने के निर्देशों पर टिप्पणी करते हुए बिट्टा ने कहा कि सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से वीडियो और अन्य जानकारी भेजे जाने की खबरें सामने आ रही हैं; इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस की भूमिका पर जोर देते बिट्टा ने कहा कि हर घटना के लिए सिर्फ़ पुलिस को ज़िम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शनों और ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को खुद भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और कई अधिकारियों ने ड्यूटी करते हुए अपनी जान गंवाई है। जनता से पुलिस का सम्मान करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस बल जनता की सुरक्षा के लिए है और पुलिस का मनोबल नहीं गिराया जाना चाहिए।
हरजीत सिंह की हत्या के लिए कौन जिम्मेदार है, इस सवाल पर बिट्टा ने कहा कि इसके लिए सिर्फ़ पुलिस को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों, जिनमें पाकिस्तान की ISI, राजनेता और धार्मिक नेता शामिल हैं, की जिम्मेदारी पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को हिंसा से दूर रखने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। बिट्टा ने कहा कि पंजाब में शांति बनाए रखना किसी एक राजनीतिक दल की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन पंजाब में शांति के मुद्दे पर सभी को एक मंच पर आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चूंकि हर किसी को एक न एक दिन इस दुनिया से जाना ही है, इसलिए राजनीतिक और सामाजिक नेताओं को इस बात पर विचार करना चाहिए कि उनके बयानों और कामों का युवा पीढ़ी पर क्या असर पड़ता है। उन्होंने ऐसे माहौल को बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिसमें युवा हिंसा के बजाय पंजाब की तरक्की और शांति को प्राथमिकता दें।