कसौली, 26 मई, 2026: हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल कसौली के जंगलों में लगी भीषण आग ने बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। सोलन जिले के कोटी, सनावर और गढ़खल इलाकों में आग तेजी से फैलने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, फायर ब्रिगेड, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हालात गंभीर होने के बाद भारतीय वायुसेना को भी अभियान में शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार जंगलों में लगी आग कई घंटों से लगातार धधक रही है। भीषण गर्मी, सूखी घास और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में फैलती चली गई। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के गांवों और इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने और तेज हवाओं के चलते राहत अभियान में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर टीमों को पैदल पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश करनी पड़ रही है।
प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान को जंगलों में आग लगने की घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में ही हिमाचल प्रदेश में जंगलों में आग लगने की 148 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं से हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान शिमला और नाहन वन सर्किल में दर्ज किया गया है। आग के कारण जंगलों में रहने वाले वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास पर भी खतरा बढ़ गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं पर्यावरण संतुलन पर भी असर डाल सकती हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने राहत अभियान में अपने Mi-17 हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। हेलिकॉप्टरों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।
वायुसेना अधिकारियों के मुताबिक दिन के साथ-साथ रात में भी ऑपरेशन जारी रखने की तैयारी की गई है। इसके लिए पायलटों को नाइट विजन गॉगल्स (NVG) उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि अंधेरे में भी प्रभावी तरीके से राहत अभियान चलाया जा सके।
जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने जंगलों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है। प्रशासन का कहना है कि आग पर जल्द काबू पाने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन आग से हुए नुकसान का आकलन भी कर रहा है और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

