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केदारनाथ यात्रा पर खतरे की घंटी: पहाड़ों पर तांडव, अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट

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उत्तराखंड में मानसून की शुरुआती बारिश ने पहाड़ों पर अपना कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही बरसात से कई संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएँ सामने आ रही हैं। पहाड़ियों से गिरते विशाल पत्थर और मलबा यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। मौसम के अचानक बदले तेवर और लैंडस्लाइड का सीधा असर विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा पर पड़ रहा है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

लाइव निगरानी

रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार के मुताबिक, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मलबे और पत्थरों के लिहाज से कई सबसे खतरनाक इलाके (डेंजर जोन) चिन्हित किए गए हैं। प्रशासन हर परिस्थिति पर 24 घंटे पैनी नजर बनाए हुए है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीसीटीवी सेंटर्स के जरिए यात्रियों की आवाजाही की पल-पल की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। आपदा प्रबंधन अधिकारी ने सभी से अपील की है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें और रास्ते में रुकावट, नुकसान या किसी भी आपातकालीन स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

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ट्रेकिंग पर रोक

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 5 से 8 जुलाई के बीच कई जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके चलते 5 जुलाई को ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है। इस चेतावनी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, एनएच, पीडब्ल्यूडी और बीआरओ को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने साफ कहा है कि ट्रेकिंग गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और हालात बिगड़ने पर अनुमति तुरंत रोकी जा सकती है। अधिकारियों को हर समय मोबाइल चालू रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (SEOC) तक पहुँचाने के आदेश दिए गए हैं।

संक्षिप्त रूप में स्थिति

  • तारीखें: 5–8 जुलाई
  • चेतावनी: भारी से बहुत भारी बारिश
  • अलर्ट: 5 जुलाई को ‘ऑरेंज अलर्ट’
  • तैयारी: प्रशासन, पुलिस और राहत दल हाई अलर्ट पर
  • निर्देश: ट्रेकिंग पर रोक लग सकती है, अधिकारियों को हर समय सतर्क रहना होगा

भूस्खलन के संकेत

जुलाई की शुरुआत के साथ ही हुई भारी बारिश ने यात्रा मार्ग पर कई अवरोध खड़े किए हैं। हाल ही में सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटरमार्ग पर मुनकटिया के पास हुए भारी भूस्खलन के कारण पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर आ गिरे, जिससे यात्रा मार्ग बाधित हो गया था। हालांकि, मौसम चाहे कितना भी खराब क्यों न हो और रास्ते में कुछ समय के लिए यात्रा रोकनी ही क्यों न पड़े, लेकिन बाबा केदार के भक्तों की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालुओं का हौसला डिगा नहीं है और केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए भक्तों का उत्साह लगातार चरम पर बना हुआ है।

 

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