जत्थेदार गड़गज ने कहा- अकाल तख्त दुनिया में न्याय का सबसे ऊंचा स्थान है
अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर श्री दरबार साहिब में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सिख श्रद्धालुओं ने शिरकत की और श्री अकाल तख्त साहिब में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस बीच श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि आज ही के दिन 1606 में छठे गुरु हरगोबिंद साहिब ने मीरी-पीरी के सिद्धांत को व्यक्त करते श्री अकाल तख्त साहिब की रचना की थी। उन्होंने कहा कि उस समय जब जुल्म और अन्याय का दौर था और दुनियावी गद्दी से न्याय की उम्मीद खत्म हो गई थी, तब श्री गुरु साहिब ने सिख समुदाय को सर्वोच्च न्याय का सिंहासन प्रदान किया।
जत्थेदार ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब न केवल सिखों का धार्मिक केंद्र है, बल्कि पूरे खालसा पंथ को धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करने वाला सर्वोच्च सिंहासन है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में रहने वाले सिख जो गुरु नानक का नाम लेते हैं, हर बड़े मुद्दे पर अकाल तख्त साहिब की ओर देखते हैं और यहां से हमेशा हक, सच्चाई और न्याय की आवाज़ उठी है। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे सिख समुदाय को बधाई दी और अपील की कि सिख समुदाय को विभाजित करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय को श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे आने वाली चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि आज भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बेगुनाह लोगों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि फेक एनकाउंटर और बेगुनाह लोगों की हत्या जैसी घटनाएं इंसानियत के लिए चिंता की बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासकों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी भी बेगुनाह व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हमेशा से पूरी इंसानियत को गले लगाने, आपसी भाईचारे और सबकी भलाई का संदेश देता रहा है। गुरुओं की शिक्षाओं के अनुसार, सिख धर्म का असली मकसद हर इंसान में भगवान को देखना और सच्चाई, न्याय और इंसानियत की सेवा के रास्ते पर चलना है।


