मोगाः सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कथित बड़ी लापरवाही के चलते एक 21 वर्षीय नवविवाहिता की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पीड़ित परिवार ने दोषी डॉक्टरों पर पर्चा दर्ज और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उधर प्रशासन और परिजनों समझौते का प्रयास हुआ।
जानकारी के अनुसार गांव खोसा पांडे की रहने वाली सुखप्रीत कौर (21) को प्रसव पीड़ा होने के कारण सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतका के परिवार का सीधा आरोप है कि डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों ने महिला के गर्भाशय की एक मुख्य नस काट दी।
नस कटने के कारण सुखप्रीत कौर की हालत बेहद गंभीर हो गई और शरीर से अत्यधिक खून बहने लगा। स्थिति हाथ से निकलती देख डॉक्टरों ने उसी दिन आनन-फानन में उसे गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज फरीदकोट रेफर कर दिया।
फरीदकोट मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां भी डॉक्टरों ने पत्नी को भर्ती करने से साफ मना कर दिया। बाद में अस्पताल ने महिला को एडमिट कर लिया था, इलाज न मिलने के कारण पत्नी ने दम तोड़ दिया।


