जालंधर, ENS: डीसी कार्यालय के बाहर बीते दिन पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा रोष जाहिर किया गया। इस दौरान कर्मियों की ओर से 5 और 6 नवंबर को कलमछोड़ हड़ताल का ऐलान किया गया था। हालांकि इस हड़ताल का आज असर भी देखने को मिला है। इसकी तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता हैकि कुछ दफ्तर जहां खाली दिखाई दे रहे है, वहीं कुछ दफ्तरों में कर्मी मौजूद है। दरअसल, बीते दिन कर्मियों ने कहा कि उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा।
कर्मचारियों ने कहा कि 18 नवंबर 2022 को पुरानी पेंशन योजना लागू करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया गया था, लेकिन इसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल सका। इसके अलावा 17720 और 1515 से संबंधित पत्र रद्द नहीं किए गए तथा कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 2.59 के गुणांक के आधार पर पेंशन संशोधन का लाभ देने की मांग भी लंबित है। यूनियन नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों का 13 प्रतिशत डीए अभी बकाया है। इसके अलावा डीए एरियर और छठे वेतन आयोग के बकाये का भुगतान भी नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि इन मांगों को लेकर अदालत में मामला विचाराधीन है।
3 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने कर्मचारियों का डीए और वेतन आयोग का बकाया 10 दिनों के भीतर एकमुश्त देने तथा इस पर 6 प्रतिशत ब्याज अदा करने के निर्देश दिए हैं। इसी को लेकर आज और 6 नवंबर को पंजाब भर के विभिन्न सरकारी विभागों में कलमछोड़ हड़ताल का ऐलान किया गया है। हालांकि कर्मियों का कहना था कि इस दौरान कर्मचारी कार्यालयों में मौजूद तो रहेंगे, लेकिन सरकारी कामकाज नहीं करेंगे। कंप्यूटर बंद रखकर विभागीय कार्य पूरी तरह ठप किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि 5 और 6 नवंबर को सरकारी कार्यालयों में अपने जरूरी काम करवाने के लिए निकलने से पहले हड़ताल की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। खासकर टेस्ट ट्रैक और अन्य जनसुविधा केंद्रों पर आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
