जालंधर, ENS: दीपावली और धनतेरस पर्व को लेकर शहर के बाजारों में खरीदारी का दौर तेज हो गया है। धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते लोग बड़ी संख्या में दुकानों पर पहुंच रहे हैं। दरअसल, धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से बर्तन खरीदने की परंपरा है। लोग इसे घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और बरकत का प्रतीक मानते हैं। इसी कारण स्टील, पीतल, तांबे और अन्य धातुओं के बर्तनों की खरीदारी की जा रही है।
क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान धन्वंतरि की धातु पीतल मानी गई है। वहीं, व्यापारियों को भी त्योहार के चलते कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। पुराने बाजारों में सौ से ज्यादा दुकानें हैं। ऐसे में बाजारों में सुबह से ही रौनक लगी हुई दिखाई दे रही है। धनतेरस पर लोग स्टील के अलावा मल्टी मैटल बर्तन खरीदे गए। उधर, व्यापारी भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बर्तनों पर तरह-तरह के ऑफर दे रहे हैं।
इस बार बर्तन बाजार में पीतल के बर्तनों का क्रेज फिर से चलन देखने को मिला। मामले की जानकारी देते हुए बर्तन बाजार के दुकानदार ने कहाकि सुबह से लोग बाजार में बर्तन खरीदने के लिए आ रहे है। उन्होंने बताया कि इस दिन घर में नया बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में ग्राहक इस बार पुराने रीति रिवाज को बरकरार रखने के लिए पीतल के बर्तन खरीद रहे है। वहीं ग्राहकों का कहना है कि इस बार पीतल के बर्तन की खरीदारी की जा रही है। ऐसे में ग्राहक पीतल के गिलास खरीदते हुए नजर आए।
वहीं प्रसिद्ध श्री देवी तालाब मंदिर के पुजारी जितेंद्र ने धनतेरस के महत्व के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि आज के दिन समुद्र मंथन हुआ था। ऐसे में धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इस दौरान उनके हाथों में अमृत कलश, जड़ी-बूटियाँ, सुदर्शन चक्र और शंख था। इस दौरान आर्युवेद की उत्पति हुई थी। धनतेरस केवल सोना-चांदी खरीदने के त्यौहार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस और भगवान धन्वंतरि की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस दौरान समुद्र से संबंधित वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है, जिसमें गोमती चक्कर, नमक सहित अन्य वस्तुएं शामिल है। वहीं जालंधर राक्षस के बारे में बताते हुए कहा कि वह लक्ष्मी के भाई थे। ऐसे में जहां भाई रहेंगे, वहां बहन का आनी ही पड़ता है। इस दौरान वाहन खरीदने के लिए 12.15 बजे से 1.30 बजे तक शुभ मुहूर्त है। शाम को 5.45 बजे से 6.00 बजे तक शुभ मुहूर्त है।
