DSP, Inspector, Head Constable की भर्ती के नाम पर 31.50 लाख की ठगी
जालंधर, ENS: देहात पुलिस ने फर्जी आईपीएस अधिकारी और उसकी पत्नी को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए शाहकोट के डीएसपी सर्वण सिंह बल और थाना प्रभारी अमन सैनी ने बताया कि 17 जुलाई 2025 को रवीन कौर पुत्री बलवीर सिंह निवासी बाउपुर बेट थाना शाहकोट की शिकायत पर अनमोल रतन पुत्र बलजीत सिंह निवासी गांव कोटला सुलेमान थाना सरहिंद जिला फतेहगढ़ साहिब हाल निवासी पुरानी सरहिंद दलीची मोहल्ला सरहिंद के खिलाफ मुकदमा नंबर 164 दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता ने बयान में बताया गया कि उसे (रवीन कौर पुत्री बलवीर सिंह निवासी बाउपुर बेट थाना शाहकोट) पुलिस महकमे में डीएसपी, भतीजी संदीप कौर को इंस्पेक्टर और उसके भाई हरदीप सिंह को हवलदार भर्ती कराने का झांसा देकर 31 लाख 50 हजार रुपये की ठगी मारी गई थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद अनमोल रतन फरार हो गया था। डीएसपी एस बल ने बताया कि अनमोल रतन के पिता बलजीत सिंह पुत्र गुरदेव सिंह निवासी गुरदेव नगर सरहिंद जिला फतेहगढ़ साहिब के खाते में अनमोल रतन द्वारा 3 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने के कारण उसे 23 जून 2026 को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल कपूरथला में बंद करवाया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी अनमोल रतन एक शातिर व्यक्ति होने के कारण अपनी पक्की ठिकाना नहीं बनाता था और कुछ समय बाद ही अपनी रिहायश और मोबाइल नंबर बदल लेता था।
उन्होंने कहा कि अनमोल रतन को गिरफ्तार करने के लिए थाना शाहकोट और सीआईए स्टाफ की अलग-अलग पुलिस पार्टियां बनाई गईं और टेक्निकल सेल के स्टाफ से तकनीकी सहायता प्राप्त करके अनमोल रतन और उसकी पत्नी मनदीप कौर को 8 जुलाई को गिरफ्तार कर 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान अनमोल रतन ने बताया कि उसने आईपीएस अधिकारी होने के नकली दस्तावेज तैयार किए थे और रवीन कौर और उसके भाई हरदीप सिंह को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 31 लाख 50 हजार रुपये वसूले थे। पूछताछ के दौरान उसने अन्य लोगों से भी ठगी मारना कबूल किया है। डीएसपी बल ने कहा कि आरोपी अनमोल रतन के पास से एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, नकली आईडी कार्ड और अन्य नकली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इनसे गहराई से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा ठगी गई रकम कहां-कहां इस्तेमाल की गई, इस संबंध में पूछताछ में पता लगा कि उसके द्वारा शाहकोट में ठाठ-बाठ रेडीमेड कपड़ों की दुकान, जिसे उसका करीबी रिश्तेदार चलाता है, उसमें 17 लाख रुपये निवेश किए गए। इसके अलावा अनमोल रतन द्वारा सियाज़ कार खरीदने के समय 1 लाख 10 हजार रुपये दिए गए और नकोदर में कोठी खरीदने के लिए 10 लाख रुपये भी अदा किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन कथित आरोपियों से गहन पूछताछ करने के उपरांत इनके द्वारा की गई अन्य ठगियों के बारे में खुलासा होने की संभावना है।

