रेलवे स्टेशनों को मिली धमकी को लेकर कही ये बात
जालंधर, ENS: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले ई-मेल के जरिए रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री मनोरजंन कालिया ने कालिया ने कहाकि पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और जालंधर रेलवे स्टेशन का उद्धाघाटन करने के लिए 17 जुलाई को कर रहे है। लेकिन दोनों रेलवे स्टेशन को लेकर ई-मेल के जरिए धमकी मिली है कि वह दोनों रेलवे स्टेशन को बम से उड़ा देंगे, जोकि निंदनीय घटना है। उन्होंने कहा कि पंजाब आज अमन शांति की राह पर मजबूती से चल रहा है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा फिर से अशांति फैलाने का काम किया जा रहा है।
पंजाब में पंजाबी विरसा और आपसी भाईचारा इसे कभी बर्दाश नहीं करेंगा। काले दौर के समय भी पंजाबियों ने कुर्बानियां दी थी, ऐसे में उस दौर से फिर पंजाबियों को सबक लेना चाहिए। क्योंकि उस समय जो काला दौर आया था, वह अब दोबारा ना आ सके और इस पर पहरा देने की जरूरत है। पंजाबी भाईचारे को एकत्रित को मुकाबला करने की जरूरत है। वहीं धमकी भरे ई-मेल को लेकर कहा कि डिप्टी कमिशनर और पुलिस कमिशनर घटना का जायजा ले रहे है।
सतलुज फिल्म को लेकर कालिया ने कहाकि पिक्चर के जरिए जख्मों को खुरेदने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी इंसाफ दिया है। इस घटना को अंजाम देने वाले आज कैद काट रहे है। ऐसे में आज उन जख्मों को नहीं खुरेदना चाहिए और ना यह देखना चाहिए कि उस समय कौन गलत था और कौन सही था। उस समय से हमें सिर्फ सबक लेने की जरूरत है कि हम उस घटनाओं, कारण को ना दोहराए और पंजाब में अमन शांति भाईचारे को मजबूत करें। इस घटना को लेकर 30 साल हो गए है और तीन जनरेशन आ चुकी है और आज की युवा पीढ़ी को इतिहास के बारे में नहीं पता है। एक फिल्म पूरा इतिहास नहीं दिखा सकती। कालिया ने कहा कि वह चाहते थे कि फिल्म बननी नहीं चाहिए थी।

