फरीदकोटः शहर के भीड़भाड़ वाले मोहल्ला जानियां में दिव्यांग महिला की घर के घुसकर बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान 43 वर्षीय नीतू के रूप में हुई है। नीतू के पति प्रदीप कालड़ा सरकारी टीचर हैं। वह प्रतिदिन की तरह सोमवार सुबह अपने काम पर चले गए थे। उनके साथ उनकी 17 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटा भी स्कूल गए थे। घटना के दौरान घर पर केवल नीतू ही मौजूद थीं। घटना के बाद ड्यूटी से लौटे नीतू के पति से जब दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोस की महिला की मदद से घर का दरवाजा खोला गया। इस दौरान वह कमरे का दृश्य देखकर हैरान रह गए।
महिला का शव खून से लथपथ हालत में कमरे में पड़ा था। परिवार द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। प्रदीप ने बताया कि उसने पड़ोसियों की मदद से घर का दरवाजा खोला और अंदर जाकर देखा तो नीतू का शव फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था। उसके गले और हाथों पर तेजधार हथियार के गहरे घाव थे। शव के निचले हिस्से पर कोई कपड़ा भी नहीं था।
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही घर से किसी सामान के चोरी होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में हत्या की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार घटना दोपहर के बीच हुई प्रतीत होती है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

