जालंधर, ENS: पंजाब में 25 जून से मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का काम शुरू होगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है। वही एसआईआर को लेकर डिप्टी कमिशनर वरजीत वालिया ने कहा कि ट्रेनिंग फेज 15 से 24 जून तक चलेगा। 25 जून से बीएलओ अधिकारी डोर-टू-डोर जाएगे और प्री फील्ड फार्म प्रत्येक वोटर को भरने के लिए दिया जाएगा और एन्युमरेशन फॉर्म भरकर बीएलओ को वापिस दिया जाएगा। जिसके बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 जुलाई पब्लिश की जाएगी। इस दौरान 2 माह तक क्लेम का प्रीरियड चलेगा।
फाइनल वोटर लिस्ट 1 अक्टूबर को जारी की जाएगी। वहीं ऑल पार्टी की मीटिंग को लेकर कहा कि सभी राजनीतिक पार्टी के साथ एसआईआर को आगे ले जाने की प्रक्रिया की जा रही है। इसी को लेकर आज सभी पार्टियों के नेताओं को एसआईआर के बारे में अवगत करवाया और उनकी आंशकाओं को दूर किया गया। इसके अलावा कैटेगरी वाइस दस्तावेज सहित अन्य दस्तावेजों को प्रोवाइड करवाया गया। ऐसे में बएलओ को मोटिवेट करने के लिए नेताओं से अपील की गई और लोगों द्वारा डाटा मुहैया करवाने के लिए कहा गया, ताकि अधिकारियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
डीसी ने बताया कि बीएलओ और बीओ द्वारा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एसडीएम के साथ 5 एईआरओ लगाए जा रहे है। ऐसे में जितने भी नोटिस जारी होंगे, उनमें वह एसडीएम की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया 2003 में हुई थी और 23 साल बाद दोबारा एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो रही है। डीसी ने कहा कि सूबे के मतदाताओं की सुविधा के लिए 1 जनवरी 2003 वाली मतदाता सूचियों के साथ वर्तमान मतदाता सूचियों को जोड़ दिया गया है ताकि मतदाताओं को पुरानी मतदाता सूचियों को ढूंढने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता से फॉर्म भरवाएंगे। फॉर्म को पुनः प्राप्त करने के लिए मतदाताओं के घर जाकर तीन बार उनसे संपर्क करेंगे। एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के तौर पर ही मान्यता दी गई है, न कि पहचान के सबूत के तौर पर मान्यता दी गई।
