फतेहगढ़ साहिबः जिले में जिला परिषद कार्यालय के समीप सड़क हादसे सरकारी शिक्षिका और उनका बेटा घायल हो गए। लोगों की मदद से घायल दोनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल शिक्षिका परमजीत कौर वर्तमान में गांव मानूपुर स्थित सरकारी एलीमेंट्री स्कूल में तैनात हैं। मिली जानकारी के अनुसार टीचर जनगणना ड्यूटी समाप्त करने के बाद अपने बेटे देशांत के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव बुलाड़ी कलां स्थित अपने घर लौट रही थीं।
वहीं घायल शिक्षिका और उनके बेटे ने बताया कि जब वे सरहिंद से लौटते हुए जिला परिषद कार्यालय के नजदीक पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार ऑटो ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों मोटरसाइकिल से नियंत्रण खो बैठे और सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में मां-बेटे दोनों को गंभीर चोटें आईं। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और शिक्षक समुदाय से जुड़े लोग भी अस्पताल पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन के प्रमुख नेता सतविंदर सिंह चहल अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
इस दौरान यूनियन नेताओं ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की कि ड्यूटी के दौरान हादसे का शिकार हुई शिक्षिका और उनके बेटे के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए और दोनों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए। यूनियन नेता सतविंदर सिंह चहल ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षिका ने पहले ही विभाग को लिखित रूप में अनुरोध किया था कि उनकी जनगणना ड्यूटी उनके नजदीकी गांव में लगाई जाए।
लेकिन इसके बावजूद उनकी ड्यूटी दूर क्षेत्र में लगा दी गई। यूनियन का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी परिस्थितियों को नजरअंदाज किया, जिसके चलते उन्हें लंबा सफर करना पड़ा और यह हादसा हो गया। शिक्षक यूनियन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। यूनियन नेताओं का कहना है कि भविष्य में कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए, ताकि किसी अन्य कर्मचारी को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
