लुधियानाः जिले के फिरोजपुर रोड स्थित लवली ऑटो शोरूम में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक ग्राहक ने नई कार में बार-बार खराबी आने को लेकर एजेंसी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। इंद्रजीत सिद्धू ने बताया कि उसने 16 अक्टूबर 2024 को शोरूम से मारुति सुजुकी की आर्टिगा कार खरीदी थी। कार खरीदने के करीब आठ महीने बाद ही गाड़ी के एसी की पाइप लीक हो गई। इसके बाद उसने कार को ठीक करवाने के लिए शोरूम में दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही समस्या सामने आ गई।
पीड़ित ग्राहक का कहना है कि नई कार में इतनी जल्दी एसी खराब हो जाएगा, इसकी उसने कभी कल्पना नहीं की थी। उसने आरोप लगाया कि एजेंसी के मैनेजर से कई बार शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया और न ही उसकी बात को गंभीरता से सुना गया। ग्राहक ने कहा कि उसने कार के लिए पूरी रकम अदा की है, लेकिन नई गाड़ी की सुविधा मिलने की बजाय उसे लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसने मारुति कंपनी के मालिकों और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि उसकी खराब गाड़ी बदलकर उसे नई कार दी जाए। ग्राहक ने कहा शुरुआत से ही कार को लेकर परेशानी आ रही है, उसने कार खरीदने के लिए 13 लाख रुपए अदा किए है।
मामले को लेकर शोरूम में काफी देर तक बहस और हंगामा चलता रहा, वहीं इस संबंध में लवली ऑटो शोरूम के जनरल मैनेजर ने अजय कुमार बताया कि ने बताया कि ग्राहक की कार के एसी की गैस लीक हुई थी, जिसे ठीक कर दिया गया है, लेकिन ग्राहक कंपनी से नई लेने की मांग कर है और जिस कारण उसने हंगामा किया है। वहीं ग्राहक ने कहा कि 20 तारीख को अजय कुमार पहली बार मिले और उन्होंने कहा कि पिछली बात को छोड़ दो। ग्राहक ने कहाकि पहले भी उसे दो बार गाड़ी को रिपेयर करके दी गई थी और बार-बार गैस लीक हो रही है। अभी तक कंपनी के कर्मियों को परेशानी का हल नहीं निकाला जा रहा। वहीं कर्मियों द्वारा गलत व्यवहार को लेकर कहा कि उसने किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। मैनेजर मनोज से भी एक बार बात हुई और उसे कहा कि गैस लीकेज की दिक्कत ठीक नहीं हो रही। ग्राहक ने कहा कि लवली ऑटो वाले उसे लिखकर दें कि अगर उसके या उसके परिवार को गाड़ी में गैस लीकेज के दौरान कोई नुकसान होता है तो वह जिम्मेदार है। ग्राहक ने कहा कि अगर उसका मसला हल नहीं हुआ तो वह शोरूम के बाहर धरना लगाकर प्रदर्शन करेंगा और पंपलेट के जरिए लोगों को कंपनी के बारे में जागरूक करूंगा।
