जालंधर, ENS: वरियाणा डंप पर अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। कुछ ही पलों में आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगी। भीषण आग से उठे जहरीले धुएं ने आसपास के बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना को लेकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों द्वारा घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई।
मौके पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी रही। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि बीते दिन दोपहर से कूड़े के डंप को आग लगी हुई थी। वहीं दमकल विभाग की टीम का कहना है कि आग पर काबू पाने के लिए 40 गाड़ियां लग चुकी है, लेकिन आग भीषण होने के कारण काबू पाने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। देर रात तक दमकल विभाग की टीम आग पर काबू पाने में जुटी रही।
वहीं दमकल विभाग के फायर फाइटर गुरजंट सिंह ने बताया की तकरीबन 5:00 बजे वरियाणा के कूड़ा डंप पर तेज गर्मी के कारण प्लास्टिक ने आग पकड़ ली थी। जिससे पूरा डंप में भयंकर आग लग गई और आग को बुझाने के लिए तकरीबन रात के 1:00 बजे तक दमकल विभाग की लगी रही। गुरजंट ने लोगों को मैसेज दिया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, तकरीबन 70 से 90% आग पर काबू पा लिया गया है और जल्द ही इस पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा। डंप के आसपास बनी कॉलोनियों के निवासियों का कहना है कि वरियाणा डंप लंबे समय से उनके लिए गंभीर परेशानी का कारण बना हुआ है और यहां अक्सर दिन-रात आग सुलगती रहती है, जिससे लगातार जहरीला धुआं उठता रहता है।
बताया जा रहा है कि इन दिनों शहर का प्रतिदिन 500 टन से अधिक कूड़ा वरियाणा डंप पर पहुंच रहा है और 250 से ज्यादा गाड़ियां रोजाना यहां कूड़ा डालने आती हैं। डंप पर करीब 15 लाख टन कूड़ा जमा होने के कारण स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। सूत्रों के अनुसार प्रदूषण विभाग और नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से नगर निगम को कई बार कूड़े से रिसने वाले पानी की उचित निकासी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट के निर्देश दिए जा चुके हैं। वरियाणा डंप को लेकर नगर निगम पर पहले भी कई जुर्माने लग चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
