नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला। मंगलवार 12 मई को बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि अमेरिका-ईरान तनाव लंबा खिंच सकता है, जिससे तेल सप्लाई और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ेगा। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्यूल बचाने और सोने की खरीद टालने की अपील ने भी बाजार सेंटीमेंट पर असर डाला है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ शांति वाला लाइफ सपोर्ट पर है।
इससे साफ है कि पश्चिम एशिया में हाल-फिलहाल शांति बहाल होने की उम्मीद नहीं है। इसका असर आज घरेलू शेयर पर भी दिख रहा है। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 400 अंक से अधिक गिर गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स में 100 अंक फिसल गया। सुबह 9.22 बजे सेंसेक्स 411.94 अंक यानी 0.54% गिरावट के साथ 75,603.34 अंक पर आ गया। निफ्टी 103.70 अंक यानी 0.44% फिसलकर 23,712.15 अंक पर आ गया। पिछले सत्र में सेंसेक्स में 1312.91 अंक की गिरावट आई थी जबकि निफ्टी 360.30 अंक गिरा था। इस बीच रुपया डॉलर का मुकाबले आज 0.2 फीसदी गिरावट के साथ ऑल टाइम लो पर खुला।
इससे पहले सोमवार को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बीएसई सेंसेक्स 1,312.91 अंक टूटकर 76,015.28 पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 360.30 अंक गिरकर 23,815.85 पर आ गया था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,370 अंक तक लुढ़क गया था। एनएसई के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सोमवार को 84.38 अरब रुपये के शेयर बेच दिए। यह 24 अप्रैल के बाद सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 59.4 अरब रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया।
