जालंधर, (वरुण/हर्ष): महानगर में बिना लाइसेंस के इमिग्रेशन सेंटर चला रहे ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वहीं पुलिस ने बिना लाइसेंस के इमिग्रेशन दफ्तर चला रहे ट्रैवल एजेंट सुमित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एएसआई रामजीत लाल ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि लुधियाना निवासी सुमित कुमार पुत्र विजय कुमार का इमिग्रेशन का कार्यालय सतकरतार डेरा के पास स्लेटी मॉल की पहली मंजिल पर है। वहीं साइन वीजा कंसल्टेंसी और बीएमसी चौक के नजदीक नील कंठ टावर की पहली मंजिल पर अपने दफ्तर इमिग्रेशन बिना लाइसेंस के चला रहे है।
यह आम पब्लिक और भोले-भाले लोगों को गुमराह करके विदेशों में वर्क परमिट और टूरिस्ट वीजा लगवाकर विदेश भेजने के नाम पर पासपोर्ट ले लेते हैं और बाहर भेजने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते हैं। बताया जा रहा हैकि अगर आज उनके दफ्तर साइन वीजा कंसल्टेंसी सतकरतार डेरा, मॉडल टाउन जालंधर और जॉन कंसल्टेंसी हब नजदीक बीएमसी चौक स्थित दफ्तर में रेड की जाए तो भारी मात्रा में पासपोर्ट और नकली तैयार किए गए कागज बरामद हो सकते है। थाना 6 में लुधियाना निवासी सुमित कुमार के खिलाफ 406, 420 आईपीसी 13, पीटीपीआर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उक्त मामले में 13 पीटीपीआर एक्ट लगे होने के कारण इसकी जांच एसीपी/एमटी की ओर से की जाएगी। वहीं बता दें कि बीते दिन पुलिस ने ट्रैवल एजेंटों के दो दफ्तरों में दबिश दी थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रैवल एजेंट का साथ पुलिस के उच्च अधिकारी और खुद को स्वंयभू नेता बताने वाले शिवसेना नेता दे रहे है। पुलिस ने दबिश के दौरान ट्रैवल एजेंटों के दफ्तरों में दस्तावेजों की जांच के दौरान लाइसेंस के बारे में पूछताछ की है। जानकारी के अनुसार ट्रैवल एजेंटों के फर्जी लाइसेंस दिखाकर बोले वाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते थे और उनसे लाखों रुपये ठगते थे। मिली जानकारी के अनुसार लाखों रुपए की ठगी का शिकार हुए लोग जब इन ट्रैवल के दफ्तरों बाहर धरना लगाते थे, तब खुद को शिवसेना स्वयंभू बताने वाला नेता समझौता कराने में अहम भूमिका निभाता था ताकि थक ट्रेवल एजेंट पर कारवाई ना हो सके।
