भारत हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में हुआ शामिल, जींद बना हरित रेल तकनीक का नया केंद्र
चंडीगढ़: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ को देश के रेल इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल भारत के रेलवे नवाचार क्षमता, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को जींद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है क्योंकि देश ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आधुनिक एवं अत्याधुनिक तकनीकों के विकास का संकल्प लिया है, जिसके तहत हाइड्रोजन को रेलवे संचालन के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिन्होंने हाइड्रोजन से संचालित ट्रेनों के लिए आवश्यक संपूर्ण तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर लिया है। उन्होंने बताया कि जींद में स्थापित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस संयंत्र में पानी से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से हाइड्रोजन तैयार की जाती है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त होती है और किसी प्रकार का प्रदूषण या हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वैष्णव ने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन, रेलवे स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास, रेल पटरियों का आधुनिकीकरण तथा अब हाइड्रोजन ट्रेन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश इस परिवर्तन की स्पष्ट झलक है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारतीय रेल को विश्वस्तरीय, आधुनिक और तकनीक आधारित परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करना है।
हरियाणा में रेलवे की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य में रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा को रेलवे परियोजनाओं के लिए लगभग 315 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 3,500 करोड़ रुपये कर दिया है, जो लगभग 11 गुना वृद्धि है।
वर्तमान में हरियाणा में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 34 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से पांच स्टेशनों का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन पहल केवल एक नई ट्रेन का शुभारंभ नहीं, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय रेल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
