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किशाऊ बांध परियोजना पर हिमाचल की बड़ी जीत, मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से की पैरवी

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ऊना/ सुशील पंडित : कुटलैहड़ विस क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह सुक्खू के प्रभावी प्रयासों और प्रदेश हितों की मजबूती से पैरवी के चलते करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना टौंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर प्रस्तावित है, जिससे प्रदेश को दीर्घकालिक आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी की। पिछले आठ वर्षों से लंबित वित्तीय विवाद को सुलझाने में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैठक में भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की कि परियोजना के विद्युत घटक पर हिमाचल प्रदेश के हिस्से की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को जल लाभ प्राप्त करने वाले राज्य दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान वहन करेंगे। विधायक ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

प्रदेश हितों से समझौता नहीं किया,अतिरिक्त बोझ से बचाया प्रदेश

विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि पूर्व में हिमाचल प्रदेश राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया था, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए प्रदेश हित में इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से तर्क रखा कि जब परियोजना के जल घटक के लिए केंद्र सरकार 90 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करा रही है, तो विद्युत घटक के लिए भी समान सहयोग दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी भी दबाव में आए बिना प्रदेश के आर्थिक हितों की रक्षा की और हिमाचल पर अनाव श्यक वित्तीय बोझ पड़ने से बचा लिया।
शर्मा ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से सबसे अधिक विस्थापन और सामाजिक प्रभाव हिमाचल प्रदेश पर पड़ेगा। बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जमीन और घरों का त्याग करना पड़ेगा, इसलिए राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इसी तथ्य को मजबूती से केंद्र सरकार के समक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल के पक्ष में सकारात्मक निर्णय लिया गया।उन्होंने इसे प्रदेश के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में बड़ी सफलता बताया।

हर वर्ष हिमाचल को मिलेगी 100 करोड़ यूनिट बिजली, बढ़ेगा प्रदेश का राजस्व

विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी। इस बिजली का अनुमानित वार्षिक मूल्य करीब 600 करोड़ रुपये होगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, ऊर्जा क्षेत्र को बल मिलेगा और भविष्य में विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार हिमाचल के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा आने वाले समय में भी राज्य के विकास से जुड़े हर मुद्दे पर इसी प्रकार मजबूती से अपनी बात रखती रहेगी।

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