पुलिस अधिकारी के अनुसार मौके पर दो मंजिला बिल्डिंग में 33 मरीज अवैध रूप से एक कमरे के अन्दर बन्द करके रखे हुए मिले।जिन में से 31 मरीज पंजाब के व 02 मरीज हिमाचल (01 चम्बा व 01 सोलन) के रहने वाले मिले । पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र से मिले युवकों का मेडिकल करवा उनके परिजनों को वुलाकर घर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिनमें से कुछ युवकों को घर भेजा जा चुका है। इस फर्जी नशा निवारण केन्द्र में भर्ती एक मरीज अजय कुमार ने बताया कि इसको भर्ती करवाने हेतू इसके परिवारजनों ने उपरोक्त केन्द्र को 20,000/- रूपये की राशी दी है । पुलिस द्वारा इस तरह अवैध रुप से नशा निवारण केन्द्र चलाना , झूठ बोल कर लोगों से रूपये ऐंठना व 33 युवकों को कमरे के अन्दर बन्द रखना पाया जाने पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए बलराम निवासी बारापुर गढ़शंकर पंजाब, बलजीत निवासी चब्बेवाल, सौरभ निवासी गांव बस्सी, अमरीक सिंह निवासी गांव मेहना, हरप्रीत सिंह पुत्र निरंजन सिंह गांव बिहला जिला होशियारपुर पंजाब व राहुल कुमार पुत्र के0पी0 सिंह निवासी रक्कड़ कलोनी जिला ऊना के खिलाफ पुलिस थाना हरोली में भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
ज्ञात रहे हिमाचल के जिला ऊना में समय-समय पर यह मुद्दा उठता रहा है परंतु कोई सटीक पॉलिसी न होने के कारण पंजाब के लोग हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में नशा निवारण केंद्र धड़ल्ले से खोल रहे हैं अगर पंजाब की तर्ज पर यहां कोई कड़ी पॉलिसी होती तो इतने नशा निवारण केंद्र हिमाचल में न खोले जाते। जबकि इन नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती युवकों की संख्या भी ज्यादा पंजाब की ही होती है फिर हिमाचल में नशा केंद्र खोलने का औचित्य समझ से परे है।
जांच अधिकारी के अनुसार जब वहां पर रेड की गई तो वहां पर नियमों के अनुसार न कोई डॉक्टर न नर्स और न ही कोई कंसलटेंट मौजूद था जबकि नियमों के मुताबिक़ नशा मुक्ति केंद्र में इनकी तैनाती होना अति आवश्यक है। क्योंकि वहां पर दाखिल मरीज का हेल्थ चेकअप और उनका मार्गदर्शन करने के लिए इनका रहना अति आवश्यक होता है। वहीं पता लगाया जा रहा है कि जिस निजी भूमि पर यह अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा था जिस व्यक्ति का फार्म हाउस है इसकी संलिप्ता की भी जांच की जा रही है। क्योंकि इसी जगह पर पहले एक नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था यहां पर एक युवक की मौत होने के चलते इसको बंद कर दिया गया था ।अब इसी जगह पर यह नशा मुक्ति केंद्र अवैध रूप से चलाया जा रहा था।
