चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शुक्रवार को यहाँ लोक भवन में फिल्म ‘नालंदा महाविहार’ की विशेष स्क्रीनिंग देखी। हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने इस फिल्म को सिनेमा के सशक्त माध्यम से देश की समृद्ध विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने का एक ईमानदार और सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि नालंदा केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं था, बल्कि ज्ञान का एक वैश्विक केंद्र था जिसने विश्वभर से हजारों विद्वानों, भिक्षुओं और ज्ञान के जिज्ञासुओं को अपनी ओर आकर्षित किया। यह भारत की बौद्धिक एवं सांस्कृतिक श्रेष्ठता का एक शाश्वत प्रतीक रहा है।
इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता उत्पन्न करना तथा लोगों को उन शाश्वत मूल्यों पर चिंतन के लिए प्रेरित करना है, जो एक बेहतर, अधिक जिम्मेदार और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘नालंदा महाविहार’ मनोरंजन के साथ-साथ एक सशक्त सामाजिक संदेश भी प्रस्तुत करती है, जो इसे सांस्कृतिक महत्व एवं समकालीन प्रासंगिकता की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण फिल्म बनाती है।
इस फिल्म के प्रोड्यूसर दीपक दीवान है, जबकि इसका निर्देशन अरविंद गुप्ता ने किया है। इस अवसर पर हरियाणा की पूर्व मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, राज्यपाल के सचिव विजयकुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के एडीसी धीरज सेतिया तथा फिल्म की कास्ट एवं क्रू के सदस्य भी उपस्थित रहे।

