खरड़ः खरड़ शिवालिक की पहाड़ियों में बसे तारापुर माजरी गांव के रास्ते में नदी पर बना एक अस्थायी बांध टूट गया है, जिससे गांवों का आपस में संपर्क टूट गया। इस गांव में ऐतिहासिक लालन वाले पीर और अन्य पीरों की दरगाहें हैं।
हर साल जेठ महीने के पांचवें वीरवार को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और कई अन्य राज्यों से श्रद्धालु यहां मत्था टेकने आते हैं। इस जगह का बहुत महत्व है। वीरवार को जब श्रद्धालु लालन वाले पीर की जगह पर मत्था टेकने आए थे, तो वे नदी के किनारे बाहर खड़े थे। जब बारिश हुई, तो उनमें से कुछ लोग नदी के बहाव में बह गए। हालाकि बड़ा हादसा होने से टल गया।
कुछ श्रद्धालुओं को नदी के पानी से बाहर निकाला गया। हमारी नदियों में पानी की समस्या के कारण हम आज भी आजाद महसूस नहीं करते। ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि नदी पर जल्द से जल्द पुल बनाया जाए ताकि श्रद्धालुओं का आना-जाना आसान हो सके।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ऊपर तीन अस्थायी बांध बनाए गए हैं, जिन्हें मिनी डैम भी कहा जाता है। ये बांध भी टूट गए हैं, जिससे गाद (मिट्टी-कचरा) भर गई है और नदी में ज़्यादा पानी बह रहा है। कई बार अधिकारी एस्टीमेट बनाने आए हैं, लेकिन अब तक कोई काम पूरा नहीं हुआ है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से अपील की है कि इन गांवों के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं, वरना आने वाली बारिश में गांवों पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।
