जालंधर, ENS: दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर मौजूद समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर आज ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इसी के चलते जालंधर के लोगों में कशमकश है कि क्या जालंधर में इसका असर है या नहीं। दरअसल, जालंधर सहित पंजाब के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं बाजार जहां कई जगह खुले हुए है तो कुछ जगहों पर लोगों ने भारत बंद की कॉल को लेकर दुकानें बंद रखी हुई है। वहीं शहर के प्रत्येक चौक पर पुलिस तैनात की गई है।
दरअसल, ‘नैशनल कॉन्फैडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स’ (एन.ए.सी.डी. ए.ओ. आर.) ने मांगों की एक सूची जारी की है जिसमें अनुसूचित जातियों (एस.सी.), अनुसूचित जनजातियों (एस.टी.) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओ.बी.सी.) के लिए न्याय और समानता की मांग शामिल है। संगठन ने हाल में उच्चतम न्यायालय की 7 न्यायाधीशों की पीठ द्वारा सुनाए गए फैसले के प्रति विपरीत दृष्टिकोण अपनाया है, जो उनके अनुसार, ऐतिहासिक इंदिरा साहनी मामले में 9 न्यायाधीशों की पीठ द्वारा लिए गए फैसले को कमजोर करता है, जिसने भारत में आरक्षण की कारेस्ता स्थापित की थी।
