नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप एक ओर शांत समझौते के जल्द फाइनल होने के दावे कर रहे हैं लेकिन दूसरी ओर जमीन पर तनाव बढ़ता दिख रहा है। अप्रैल में लागू हुए सीजफायर के बाद यह पहला मौका है जब ईरान की मिलिट्री ने इजरायल को टारगेट कर मिसाइल अटैक किया है। इससे संघर्ष फिर तेज होने की आशंका बढ़ गई है। यह हमला तेहरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देने के एक दिन बाद हुआ है।
ईरान के मिसाइल अटैक के बाद इजरायल के कई इलाकों में सायरन के आवाजें सुनाई दी। लोग सुरक्षित जगह पर छिपने के लिए भागते दिखते दिए हैं। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने कम से कम तीन मिसाइल हमलों को रोका है जबकि उत्तर में कई धमाकों की आवाज सुनाई दी है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, कम से 10 बैलेस्टिक मिसाइलों को रोका गया है।
ईरान का जवाबी हमला
इजरायल ने रविवार को बिना किसी चेतावनी के बेरुत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया था। ईरान ने जवाबी हमले की धमकी दी थी। अब तेहरान ने मिसाइट अटैक ने अपना रुख सख्त कर दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान में कहा कि – यदि हमले की घटनाएं इसी तरह दोहराई जाती है तो जवाबी कार्रवाई और कड़ी होगी और इसमें पूरे क्षेत्र में सभी अमेरिकी और इजरायली टारगेट शामिल होंगे।
बयान में लेबनान और ईरान के तट और होर्मुज स्ट्रेट के आस-पास के जहाजों पर हुए हमलों का जिक्र किया गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की बैलिस्टिक मिसाइलों से इजराइल के रामत डेविड एयर बेस को निशाना बनाया है। आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला एक चेतावनी थी और यदि हमला दोबारा होता है तो ईरान का जवाब और बड़ा होगा और इसमें इलाके के सभी यूएस-इजराइली टारगेट शामिल होंगे। आईआरजीसी ने आगे कहा कि ईरान का सीजफायर मानना इस शर्त पर था कि सभी मोर्चों पर गोलीबारी खत्म हो जाएगी लेकिन अमेरिका और इजराइल ने अपने वादे पूरे नहीं किए।
इजरायल ने जवाबी हमले को धमकी दी
हमले के बाद इजरायली सेना ने भी करारा जवाब देने की धमकी दी है। इजराइली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि – ईरान ने हमला करके एक बड़ी गलती की है। सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि – आदेश मिलते ही दुश्मन पर हमला किया जाएगा।
