ऊना, सुशील पंडित : वित्तीय साक्षरता एवं बैंकिंग जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत टकोली में वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संतृप्ति अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन पंजाब नेशनल बैंक के जिला अग्रणी प्रबंधक संजीव सक्सेना तथा नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक सबरीना राजवंशी के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर जिला अग्रणी प्रबंधक संजीव सक्सेना ने पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, अटल पेंशन योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा एवं वित्तीय समावेशन योजनाओं के लाभों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से नागरिक कम प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं, वृद्धावस्था के लिए पेंशन का प्रावधान सुनिश्चित कर सकते हैं तथा स्वरोजगार एवं कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने पात्र व्यक्तियों से इन योजनाओं से जुड़कर अधिकतम लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
संजीव सक्सेना ने केवाईसी की आवश्यकता पर बल देते हुए बैंक खातों की जानकारी समय-समय पर अद्यतन रखने की सलाह दी। उन्होंने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड तथा संदिग्ध लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों से किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाता विवरण अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वित्तीय रूप से सशक्त एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचना आवश्यक है। यह शिविर जिला ऊना में 15 जून से 15 जुलाई तक चलाए जा रहे वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विशेष संतृप्ति अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जागरूकता एवं नामांकन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
संजीव सक्सेना ने किसानों को “खेत बचाओ अभियान” के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कृषि गतिविधियों के लिए उपलब्ध संस्थागत ऋण सुविधाओं, किसान क्रेडिट कार्ड तथा अन्य बैंकिंग योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य किसानों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा उनकी कृषि भूमि और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक सबरीना राजवंशी ने भी ग्रामीणों को वित्तीय समावेशन, नियमित बचत की आदत विकसित करने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय जागरूकता ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है और इसके माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाया जा सकता है। शिविर में उपस्थित लोगों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए इनके नियमित आयोजन की सराहना की।
इस शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
