किसानों को वैज्ञानिक तुड़ाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण और मूल्य संवर्धन की दी गई जानकारी
ऊना, सुशील पंडित : एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत जिला ऊना के बौल क्लस्टर में फल फसलों के कटाई उपरांत प्रबंधन एवं प्रसंस्करण विषय पर एक दिवसीय किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपनिदेशक उद्यान, जिला ऊना डॉ. के. के. भारद्वाज ने की। कार्यशाला में बौल एवं बौल-2 क्लस्टर से जुड़े करीब 30 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान किसानों को अमरूद, माल्टा (स्वीट ऑरेंज) और अनार जैसी फल फसलों के बेहतर प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में ग्रांट थॉर्नटन के विशेषज्ञ श्रावसाहेब बेंद्रे ने किसानों को फल फसलों की वैज्ञानिक तुड़ाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण तथा आधुनिक विपणन तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने अमरूद से जैम, जेली, नेक्टर, पल्प एवं स्क्वैश, माल्टा से जूस, स्क्वैश, कॉन्संट्रेट एवं मुरब्बा तथा अनार से जूस, सिरप, अनारदाना सहित अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता बनाए रखते हुए प्रसंस्करण को अपनाना किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत बौल की प्रधान रेखा चौहान ने किसानों को एचपी शिवा परियोजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर बागवानी को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है। कार्यक्रम में उद्यान विकास अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार, उद्यान प्रसार अधिकारी अनुपम शर्मा एवं वंदना सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
