जालंधर/होशियारपुर: पंजाब के होशियारपुर और जालंधर में बच्चों के योन शोषण और पोर्न वीडियो को इंस्टाग्राम पर अपलोड करने का मामला सामने आया है। इन बच्चों को अमेरिका की संस्था नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन ने ट्रेस किया है। मामला ध्यान में आने के पंजाब स्टेट साइबर सेल ने इस मामले में होशियारपुर और जालंधर के एक-व्यक्ति के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67-बी के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है।
आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले मेें दोषी साबित होने पर आरोपी को 5 साल तक सजा और 10 साल रुपये तक जुर्माना हो सकता है। इस मामले की शुरुआत 27 फरवरी को हुई जब रोमांटिक नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से बच्चों के यौन शोषण से संबंधित वीडियो अपलोड और प्रसारित किए गए।

ये वीडियो करीबन 2 साल तक सोशल मीडिया पर चलते रहे हैं। 23 फरवरी 2026 को एनसीएमईसी ने उन्हें ट्रेस किया और इस बारे में एक साइबर टिपलाइन रिपोर्ट भारतीय साइबर पोर्टल एनसीआरपी को भेजी गई । भारतीय साइबर पोर्टल से शिकायत पंजाब स्टेट साइबर सेल को आगे बढ़ाई। इसके बाद भारत में मामले की जांच शुरु हुई। स्टेट साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम और गूगल से मिली जानकारी के आधार पर पता लगाया है कि यह अकाउंट होशियारपुर से जुड़ा है। यह प्रभु नाम से बनाना गया था। कुछ मोबाइल नंबरों से लिंक था।
इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई और कंपनियों ने इस संबंधी डाटा मांगा गया। गूगल और जियो से मिले रिकॉड्स से पुष्टि हुई कि आरोपी ने मार्च 2024 में ईमेल बनाया था। जुलाई 2024 में इसका इस्तेमाल अपराध के लिए किया।
जालंधर के युवकों अपलोड किए 4 वीडियो
स्टेट साइबर क्राइम ने जालंधर के एक आरोपी पर आईटी एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज किया है। आरोपी ने सितंबर अकाउंट्स से बच्चे से संबंधित यौन शोषण वाली 4 वीडियो अपलोड किए गए थे। इसे भी अमेरिका की संस्था ने ट्रैक किया जिसके बाद यह केस दर्ज हुआ है। वहीं पुलिस की टीमें अब मामले की पड़ताल में जुटी है। सीबीआई ने 14 नवंबर 2021 सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन मटेरियल शेयर करने और स्टोर करने वाला एक सिंडिकेट के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पटियाला के रहने वाले विशु शर्मा के मोबाइल फोन और बाकी इलेक्ट्रिक उपकरणों को जब्त किया गया था। इसमें आपत्तिजनक CSEM सामग्री पाई गई।
चूंकि, सीबीआई के पास उस विशिष्ट अवधि के दौरान पंजाब राज्य में आईटी एक्ट और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत जांच करने की सहमति नहीं थी, इसलिए उन्होंने विशु शर्मा के फोन से मिले सबूतों की जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए पंजाब राज्य के साइबर अपराध अधिकारियों को भेज दी हालांकि, सीबीआई की शुरुआती जांच में यह साबित नहीं हो सका कि विशु शर्मा ने उस विशिष्ट वॉट्सऐप ग्रुप में सामग्री शेयर की थी या अन्य आरोपियों के साथ उसकी कोई सीधी बातचीत थी, लेकिन उसके पास सामग्री का पाया जाना अपने आप में अपराध माना गया।
पंजाब स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को सीबीआई से जब्त किए गए फोन, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज प्राप्त हुए। कानूनी विशेषज्ञों ने राय दी कि विशु शर्मा के खिलाफ स्वतंत्र रूप से मामला दर्ज कर जांच की जा सकती है। इसके बाद पंजाब में उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
