अमृतसरः डेयरी फार्मिंग और डेयरी यूनियन से जुड़े किसानों ने सिंथेटिक दूध और नकली पनीर के बढ़ते कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के तौर पर किसानों ने सड़कों पर दूध बहाया।
डेयरी यूनियन के अध्यक्ष रणजीत सिंह लुहारका, करमजीत सिंह नागली व अन्य ने कहा कि भैंसों और गायों से मिलने वाले शुद्ध दूध को बाजार में सही दाम नहीं मिल रहा है, जबकि केमिकल्स से तैयार सिंथेटिक दूध और नकली पनीर खुलेआम बिक रहे हैं। इसके चलते, एक तरफ तो पशुपालकों का कारोबार बर्बाद हो रहा है और दूसरी तरफ लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा है।
रणजीत सिंह लुहारका ने कहा कि बड़ी फैक्ट्रियों में केमिकल्स का इस्तेमाल करके नकली दूध और पनीर तैयार किया जा रहा है। यूनियन ने कई बार प्रशासन और सिविल सर्जन को शिकायतें दी हैं और फैक्ट्रियों के नाम भी बताए हैं, लेकिन अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है। रामतीर्थ रोड, बटाला रोड, फतेहगढ़ चूड़ियां रोड और अजनाला रोड पर चल रही कई फैक्ट्रियों के नाम प्रशासन को दिए गए हैं। यूनियन की मांग है कि इन जगहों पर छापा मारा जाए और फैक्ट्रियों को सील किया जाए। लुहारका ने कहा कि केमिकल्स वाले दूध और पनीर के सेवन से लोग कैंसर जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। पशुपालन से जुड़े लोग दूध तैयार करने के लिए सुबह-शाम कड़ी मेहनत करते हैं। चारे और अनाज की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन दूध के दाम नहीं बढ़ रहे हैं। ऐसे हालात में किसान बेहद परेशान हैं।
वहीं अध्यक्ष करमजीत सिंह नागली ने कहा कि केवल छोटे दूध विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई होती है, जबकि बड़े पैमाने पर नकली दूध बनाने वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जहां दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, इसके बावजूद बाजार में नकली दूध की भरमार है। किसानों का कहना है कि भैंसों, मजदूरी और चारे की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन दूध की कीमतों में बढ़ोतरी न होने के कारण पशुपालकों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर सिंथेटिक दूध और नकली पनीर बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में वे और भी जोरदार संघर्ष करने पर मजबूर हो जाएंगे।

