जालंधर (ENS): पंजाब में आवारा कुत्तों के कहर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अदालत ने डॉग लवर्स की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है और अपने पुराने निर्देशों को बरकरार रखा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सीएम भगवंत मान ने भी स्वागत किया और राज्य में मासूमों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खतरनाक और आवारा कुत्तों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने की घोषणा भी की है।
वहीं अब इन आदेशों का कई लोग स्वागत कर रहे हैं। इसी कड़ी में जालंधर के बिक्रमपुरा के बाशिंदों ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। हतिंदर तलवाड़ हन्नी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ये आदेश नई क्रांति लेकर आएगा। उन्होंने बताया कि अगर उनके जालंधर शहर की बात की जाए तो यहां से पिछले 3 माह में 25 से 27 केस डॉग बाइट के आ चुके हैं। लोग कुत्तों के चलते डर के मारे रात को बाहर नहीं निकलते। पिछले दिनों उनके मोहल्ले के व्यक्ति को कुत्तों ने बुरी तरह काट दिया था और उसी के चलते वह अब ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। उन्हें इस घटना से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने अब जो नए आदेश जारी किए हैं उससे अब इन घटनाओं में रोकथाम होगी और कुत्तों की जनसंख्या में भी कमी आ सकती है।
एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले दिनों जब उसकी पत्नी स्कूल से पढ़ाकर वापस घर आ रही थी तो उस पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। इस घटना में वह गंभीर घायल हुई थी और उन्हें कई इंजेक्शन भी लगाने पड़े थी जिससे उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। अब इस आदेश के चलते कुत्तों के काटने की घटनाओं में कमी आ सकती है और वह भी बिना डरे कहीं भी जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले का स्वागत करते हुए सुप्रीम कोर्ट और सरकार का धन्यावाद करते हैं।
