नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिख रहा है। ईरान ने अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अब अगली सूचना आने तक बंद करने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद तुरंत अमेरिका ने ईरान पर इस हफ्ते तीसरा सैन्य हमला शुरु कर दिया है। अमेरिका ने यह आरोप लगाया है कि ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक व्यावसायिक कंटेनर जहाज पर हमला किया है। इसके जवाब में यह कार्रवाई की गई है।
ईरान ने दी चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि एक जहाज तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था। उसने कई चेतावनियों के बाद अपना रास्ता नहीं बदला है। इसके बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग कर जहाज को भी रोक दिया गया है। इसके साथ ही ईरान ने घोषणा कर दी है कि अमेरिकी हस्तक्षेप खत्म होने तक अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी जवाबी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
This is a reciprocal commitment. One side cannot be expected to comply while the other fails to meet its obligations.
🔸Iranian Arrengement with no charge for 60 days,
Paragraph 5. “Upon the signing of this MOU, the Islamic Republic of Iran will make arrangements using its… https://t.co/sipttrIv4o
— Iran In Hyderabad (@IraninHyderabad) July 12, 2026
Mou का किया जिक्र
हैदराबाद में स्थित ईरानी वाण्जिय दूतावास के ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर यह बोला गया है कि समझौता दोनों पक्षों की पारस्परिक जिम्मेदारी है और एक पक्ष से पालन की उम्मीद तब तक नहीं की जा सकती है जब तक दूसरा पक्ष अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी न करें। पोस्ट में यह भी बोला गया है कि एमओयू के अनुसार, ईरान ने 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक व्यावसायिक जहाजों के सुरक्षित आवगमन की व्यवस्था करने पर सहमति जताई थी।
कई ठिकानों पर हुई है एयर स्ट्राइक
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के हमले में कंटेनर जहाज का एक नागरिक चालक दल का सदस्य लापता हो चुका है। जहाज के इंजन रुम में आग लगने के कारण भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके बाद ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि – ईरान ने गलत फैसला लिया है। अब उसे इसकी कीमत भी चुकानी होगी।
वैश्विक एनर्जी आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ेगा असर
ईरान के कई तटीय इलाकों में विस्फोटों की खबरें आई हैं। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर में मिसाइल और ड्रोन अलर्ट जारी किया गया है। होर्मुज जलडमरुमध्य दुनिया के तेल और गैस व्यापार का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में इसके बंद होने और अमेरिकी ईरान के बढ़ते टकराव से वैश्विक एनर्जी आपूर्ति और तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका बढ़ चुकी है।

