चंडीगढ़ / अमृतसर, 22 फरवरी 2026: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप पर निशाना साधते हुए कहा कि सुखबीर सिंह बादल अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह “दोहरी राजनीति” कर रहे हैं और पुराने रटे-रटाए भाषणों तथा नए दावों के जरिए पंजाब के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
अमृतसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि गैंगस्टरवाद को खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करने से पहले सुखबीर सिंह बादल को अपने पिछले कार्यकाल का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर अकाली दल आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों के परिवार के सदस्यों को उम्मीदवार बनाता है, वहीं दूसरी ओर गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की बातें करता है।
तरनतारन के चुनावों का हवाला देते हुए आप विधायक ने कहा कि अकाली दल ने ऐसे व्यक्तियों से जुड़े लोगों का खुलकर समर्थन किया, जिन पर आपराधिक आरोप रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वे गैंगस्टरों के घर ढहाने की बात करते हैं, जबकि पहले उनके कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। “पंजाब सब कुछ याद रखता है,” धालीवाल ने कहा।
प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल से समानता दर्शाते हुए धालीवाल ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के दौरान अकाली-भाजपा शासन में संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की समस्या गहराई। उन्होंने सवाल उठाया कि मौजूदा सरकार को कानून-व्यवस्था पर लेक्चर देने का नैतिक अधिकार उन लोगों को कैसे है, जिनके शासनकाल में अपराध और नशे के नेटवर्क फलते-फूलते रहे।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कामकाज पर चिंता जताते हुए धालीवाल ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों, जमीन से जुड़े सौदों और वित्तीय अनियमितताओं पर उठाए गए सवालों का जवाब अकाली नेतृत्व को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समुदाय पारदर्शिता और जवाबदेही का हकदार है।
धालीवाल ने यह भी दावा किया कि माझा से मालवा तक कई परंपरागत अकाली परिवारों ने पार्टी से दूरी बना ली है। उनके अनुसार, पार्टी अब सीमित नेतृत्व के नियंत्रण में रह गई है और अस्तित्व बचाने के लिए विवादित पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को शामिल कर रही है।
आप विधायक ने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल किसानों के मुद्दों और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे राष्ट्रीय विषयों पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में वर्षों तक गठबंधन में रहने के बावजूद अकाली नेतृत्व ने भाजपा से जुड़े सवालों पर मुखर रुख नहीं अपनाया।
अपने संबोधन के अंत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और उन्हें नाटकीय भाषणों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि “आप डर का माहौल बनाकर, आपराधिक तत्वों को संरक्षण देकर फिर उनके खिलाफ कार्रवाई का दावा नहीं कर सकते। पंजाब सब देख रहा है और जवाब मांग रहा है।”
