मोहाली, 16 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करने के लिए एक बड़ा और तकनीकी रूप से उन्नत कदम उठाया है। राज्य सरकार ने Indian Institute of Technology Ropar के साथ साझेदारी कर पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य पंजाब के भीतर और विदेशों से संचालित हो रहे गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ना और कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
यह पहल राज्य में पहले से चल रहे ‘गैंगस्टरन ते वार’ और ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ जैसे अभियानों को और प्रभावी बनाएगी तथा पुलिस को आधुनिक तकनीकी उपकरणों से लैस करेगी।
AI के जरिए अपराधियों की पहचान और नेटवर्क ट्रैकिंग
इस परियोजना के तहत पंजाब सरकार एक संगठित और डिजिटल अपराधी डेटाबेस तैयार करेगी, जिससे पुलिस को अपराधियों और उनके नेटवर्क की बेहतर पहचान करने में मदद मिलेगी। इस सहयोग के तहत IIT रोपड़ और डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIMS), मोहाली के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया गया है। AIMS मोहाली में स्थापित डेटा इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता इकाई इस प्रोजेक्ट के समन्वय का मुख्य केंद्र होगी।
IIT रोपड़ द्वारा विकसित किए जाने वाले सॉफ्टवेयर में डेटा एनालिटिक्स, वॉइस रिकग्निशन और डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके जरिए पुलिस को रियल-टाइम में अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनके नेटवर्क को खत्म करने में मदद मिलेगी। इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें संरचित (structured) और असंरचित (unstructured) दोनों प्रकार के डेटा को एक साथ जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस रिकॉर्ड का एक बड़ा हिस्सा अभी भी स्कैन किए गए दस्तावेजों, पीडीएफ फाइलों और हस्तलिखित रिपोर्टों के रूप में मौजूद है, जिससे जांच में देरी होती है। नया AI सिस्टम इन सभी डेटा को डिजिटल रूप में बदलकर एकीकृत करेगा और एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इससे पुलिस को तुरंत जानकारी मिल सकेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी होगी।
इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा
पंजाब सरकार का कहना है कि AI और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल से पुलिस अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग की ओर बढ़ेगी। AI आधारित विश्लेषण से अपराध के पैटर्न की पहचान, संभावित खतरों का पूर्वानुमान और संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान संभव हो सकेगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस सहयोग से पुलिस बल की तकनीकी क्षमता में बड़ा सुधार होगा और अपराधों की पहचान व रोकथाम अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कई गैंगस्टर विदेशों में बैठकर स्थानीय युवाओं को अपराध के लिए उकसाते हैं, लेकिन AI तकनीक के माध्यम से अब ऐसे नेटवर्क को ट्रैक करना और तोड़ना आसान होगा।
AI आधारित इस सिस्टम में डैशबोर्ड मॉनिटरिंग की सुविधा होगी, जिससे पुलिस अधिकारियों को अपराध से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में मिल सकेगी। इससे विभिन्न मामलों के बीच संबंधों की पहचान करना, बड़े डेटा का विश्लेषण करना और तेजी से कार्रवाई करना संभव होगा। यह सिस्टम अलग-अलग स्रोतों से आने वाले डेटा को जोड़कर एक एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार करेगा, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक सटीक और तेज होगी।
पंजाब सरकार ने कहा कि यह पहल आधुनिक तकनीक के उपयोग के जरिए राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI आधारित पुलिसिंग से न केवल अपराधों का तेजी से पता लगाया जा सकेगा, बल्कि संगठित अपराध पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए पंजाब पुलिस भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए और अधिक सक्षम बनेगी और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
