जयपुरः खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतने वाली बड़ी कंपनियों को जैसलमेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कोका कोला कंपनी पर लाखों की पेनल्टी लगाई है। दरअसल, सीलबंद कोल्ड ड्रिंक की बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने के मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कंपनी और विक्रेताओं पर कुल 2.50 लाख रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि ब्रांड बड़ा होने का मतलब यह नहीं कि वे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करें।
दरअसल, शहर के ढिब्बा पाड़ा के रहने वाले तुषार पुरोहित ने 16 जुलाई 2025 को ‘शिवम मार्केटिंग’ से 810 रुपए में कोल्ड ड्रिंक कार्टन खरीदा था। इसकी एक बोतल में कंज्यूमर को टुकड़ा नजर आया था। इस पर तुषार ने 20 अगस्त 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। आयोग ने 9 अप्रैल को इस मामले में फैसला सुनाया है। कंज्यूमर को मानसिक प्रताड़ना और कानूनी खर्च के लिए 50 हजार रुपए चुकाने का भी आदेश दिया है। सुनवाई में आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गौड़ ने जांच में कोल्ड ड्रिंक की बोतल में गंदगी के आरोप को सही बताया। कंपनी की ओर से कहा गया कि जूस को बोतल में भरने के बाद तुरंत पैक किया जाता है। पूरा प्रोसेस ऑटोमैटिक होता है।
कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए परिवाद दिया गया है। हालांकि, आयोग ने कंपनी की सफाई को खारिज कर दिया। उसने कहा कि इतनी बड़ी और अंतरराष्ट्रीय कंपनी होने के बावजूद पीने योग्य उत्पाद में ऐसी गलती होना गंभीर लापरवाही है। यह जानलेवा साबित हो सकती है। जिला उपभोक्ता आयोग ने 9 अप्रैल को आदेश जारी करते हुए कंपनी पर 2.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। आदेश के अनुसार मानसिक परेशानी का हर्जाना 40,000 रुपए के अलावा कानूनी खर्च के लिए 10,000 रुपए भी दिए जाएंगे। जबकि 2 लाख रुपए ‘राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष’ में जमा कराने होंगे। जुर्माना राशि को 45 दिन में जमा कराने का समय दिया गया। लेट होने पर 9 प्रतिशत ब्याज के साथ जुर्माना देना होगा।
