नई दिल्ली: गुजरात के सूरत शहर में एक आभूषण निर्माण ईकाई में रविवार सुबह सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के चलते चार लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी.जोन-1 के पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार ने बताया कि मौत का प्राथमिक कारण दम घुटना प्रतीत होता है हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। आलोक कुमार ने कहा कि घटना अश्विनी कुमार क्षेत्र स्थित एक सैप्टिक टैंक में हुई है जिसमें आभूषणों की सफाई प्रक्रिया से निकलने वाला अपशिष्ट एकत्र किया जाता है।
उन्होंने बताया कि ईकाई के सैप्टिक टैंक की हर दो महीने में सफाई और रखरखाव किया जाता है। पुलिस उपायुक्त के अनुसार, रविवार सुबह एक सुपरवाइजर और तीन मजदूर टैंक में उतरे थे। जहरीली गैस के प्रभाव से वो बेहोश हो गए और चारों की मौत हो गई। अधिकारी ने कहा कि – हम यह जांच कर रहे हैं कि इस घटना के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है क्योंकि प्रारंभिक जांच से संकेत मिला है कि सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन नहीं किया गया था। मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार, रविवार सुबह एक सुपरवाइजर और तीन मजदूर टैंक में उतरे थे। जहरीली गैस के प्रभाव से वो बेहोश हो गए और चारों की मौत हो गई है। अधिकारी ने कहा कि – हम यह जांच कर रहे हैं कि इस घटना के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है क्योंकि प्रारंभिक जांच से संकेत मिला है कि सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन नहीं किया गया था। मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सुपरवाइजर ने टैंक में उतरने से पहले अग्निशमन विभाग को फोन किया था और प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उनके पास किसी प्रकार का सुरक्षा उपकरण नहीं था। अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा और बचाव अभियान चलाया है। दमकलकर्मियों ने चारों को टैंक से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कह दिया है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही पुलिस
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि – फिलहाल आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया जा रहा है। हम सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन-कौन से सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होने चाहिए थे और वास्तव में क्या व्यवस्था की गई थी। इसके बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
