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राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

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शिमला: तरांडा टनल के लिए 8 करोड़ रुपये, पॉलिटेक्निक कॉलेज को रोहड़ू से उरनी स्थानांतरित करने की घोषणा श्रेणी-1 व श्रेणी-2 के अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन को वापस लेने की घोषणा गैर-राजपत्रित पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर एक रैंक उच्च पद देने की घोषणा हिमाचल प्रदेश ने आज 79वां हिमाचल दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर सम्पूर्ण राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह किन्नौर जिले के रिकांग पियो में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व डीएसपी उमेश्वर राणा ने किया, जिसमें 6वीं भारतीय रिजर्व बटालियन, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, जिला पुलिस किन्नौर, दूसरी भारतीय रिजर्व बटालियन (महिला), होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिकांग पियो की एनसीसी इकाई, जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पियो, होमगार्ड बैंड तथा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठी के बैंड दल ने भाग लिया।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी और हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राज्य के गठन में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिले की सभी पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ योजना के तहत 1500 रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने रिकांग पियो के सभी सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों को भू-तापीय ऊर्जा आधारित केंद्रीय हीटिंग प्रणाली से जोड़ने की भी घोषणा की।

इसके अतिरिक्त, तरांडा गांव को यातायात सुरंग के माध्यम से जोड़ने के लिए 8 करोड़ रुपये, छोल्टू उच्च पाठशाला को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्तरोन्नत करने तथा उसमें सीबीएससी पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की गई। किन्नौर जिले का पॉलिटेक्निक कॉलेज, जो वर्तमान में रोहड़ू में संचालित हो रहा है, उसे जल्द ही उरनी में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने रिकांग पियो में निर्माणाधीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का कार्य छह महीने के भीतर पूरा करने की प्रतिबद्धता की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 4 किमी लंबी निगुलसरी-भावानगर सड़क को यातायात के लिए पास किया जा चुका है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि रिकांग पियो और शिमला के बीच हेली-टैक्सी सेवा शुरू की गई है। राज्य सरकार 415 करोड़ रुपये लागत की 125 किमी लंबी और 495 टावर वाली 66 केवी क्षमता की पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना आरम्भ करने जा रही है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लगभग 17,500 लोगों लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अन्तर्गत 45 किमी के सुमदो-काजा लाइन का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है।

राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप शिपकी-ला के माध्यम से चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से दोबारा शुरू होने जा रहा है जो प्रदेश सरकार की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी शिपकी-ला के माध्यम से शुरू करने का मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अपेक्षित हैं। उन्होंने श्रेणी-1 और श्रेणी-2 अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन के निर्णय को वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का भुगतान मई तक कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री, मंत्रिगण, विधायकों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की कटौती फिलहाल जारी रहेगी।

उन्होंने राज्य पुलिस के सभी पात्र गैर-राजपत्रित अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के दिन एक मानद उच्च पद प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रहे पुलिस कर्मियों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे आशा है कि इस पहल से पुलिस बल में नई ऊर्जा का प्रवाह होगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करने से राज्य को प्रति वर्ष 8 हजार से 10 हजार करोड़ रुपये और अगले पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के परिणामस्वरूप सरकार को वित्तीय अनुशासन अपनाना पड़ा है और गत वर्ष की तुलना में इसे वित्तीय वर्ष के बजट में तीन हजार करोड़ रुपये की कमी की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन चुनौतियों का सामना करेंगे और प्रदेश को विकास और उन्नति के पथ पर अग्रसर करने के लिए आय के नए स्रोत पैदा करेंगे। इस वित्तीय वर्ष के लिए पेश किए गए बजट में आम आदमी पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डाला गया है। इस बजट में सरकार ने किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों को प्राथमिकता दी है।’’

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। गत तीन वर्षों में गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध पर समर्थन मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये किया गया है। हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं, मक्की और हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। गेहूं पर समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिकिलो, मक्की पर 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और कच्ची हल्दी पर 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है। चंबा जिला के पांगी घाटी में प्राकृतिक रूप से उगाए गए जौ को पहले 60 रुपये प्रतिकिलो की दर से खरीद की जाती थीए जिसे अब 80 रुपये प्रतिकिलों की दर से खरीदा जाएगा। इसके अतिरिक्त अदरक को 30 रुपये प्रतिकिलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जलाशयों में मछली पालन करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है। मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के समय मछुआरा परिवारों को साल में एक बार 3500 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। जलाशयों में पकड़ी जाने वाली मछलियों पर रॉयल्टी दर को 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश की पहली बागवानी नीति लागू की जा रही है, जिससे लगभग 82,200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सेब के लिए यूनिवर्सल कॉर्टन की अनिवार्यता से हजारों बागवानों को बेहतर दाम सुनिश्चित हो रहे हैं।

सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार किए हैं। प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी आरम्भ की गई है जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। आईजीएमसी शिमला में पैट स्कैन की सुविधा आरम्भ की गई है और जल्द ही टांडा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी, इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के परीक्षण के लिए मरीजों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू, ऊना, चम्बा, नाहन, बिलासपुर और धर्मशाला के अस्पतालों में एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी जबकि चम्बा, नाहन और बिलासपुर में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस वर्ष 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से सम्बद्ध किया गया गया है, जिससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में आशातीत वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और वैलनेस पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। ज्वालामुखी और नैनादेवी में आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए 150-150 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सुनाम में 8.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मल निकासी योजना और ग्राम पंचायत काफनू में 21 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण योजना की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त 4.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोल्डिंग चौरा सड़क का लोकार्पण किया।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, हिमाचल प्रदेश वन विकास कार्पोरेशन के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, मिल्क फेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमकॉन के अध्यक्ष विकास चौहान, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव आषीश सिंहमार, उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सहित कांग्रेस प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

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