चंडीगढ़: हरियाणा में आगामी पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 28 जून, 2026 से शुरू होने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों और जिला अधिकारियों के साथ मिलकर तैयारियों की समीक्षा करना था। बैठक में राज्य के सभी सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (DIOs), यूएनओ, और डीएमईओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस अभियान को जमीनी स्तर पर पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों और सामाजिक संस्थाओं ने भी बैठक में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इसमें महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायती राज, शहरी स्थानीय निकाय, श्रम, ईएसआई, जनसंपर्क, आयुष, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, और रेलवे जैसे प्रमुख विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) और रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने भी इसमें शामिल होकर अभियान को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय की गई रूपरेखा के अनुसार, तीन दिवसीय इस विशेष अभियान की शुरुआत 28 जून को बूथ गतिविधि के साथ होगी, जहां अभिभावक अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने के लिए नजदीकी केंद्रों पर ला सकेंगे। इसके बाद, जो बच्चे किसी कारणवश पहले दिन बूथ पर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए 29 और 30 जून को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर विशेष दौरा किया जाएगा ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रह सके।
इस राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत पूरे हरियाणा में शून्य से पांच वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 36.09 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर काम करें, ताकि राज्य के हर कोने में रहने वाले लक्षित बच्चों तक इस जीवन रक्षक दवा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके और राज्य को पोलियो मुक्त बनाए रखा जा सके।

