आगराः जिले में फर्जी फर्मों के माध्यम से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्ता किया है। आरोपियों ने परिचितों के दस्तावेजों से बोगस फर्म बनाई। कागजों में खरीद और बिक्री दिखाकर 70 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग करके दो करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की वारदात को अंजाम दिया। राज्य कर अधिकारी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच कर रही लोहामंडी पुलिस ने टैक्स चोरी का पर्दाफाश करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान रजत बनर्जी, राहुल और नितिन के रूप में हुई है।
आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। लोहामंडी थाने में राज्य कर अधिकारी अतुल कुमार आर्य ने बीते वर्ष एक नंबर को जीएसटी चोरी का मुकदमा बोगस फर्म ओम ट्रेडर्स व श्रीराम ट्रेडर्स के खिलाफ दर्ज कराया था। लोहामंडी पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पूछताछ के बाद राजत बनर्जी निवासी नेहरू एन्क्लेव सदर, ताजनगरी फेस टू निवासी राहुल व उसके भाई नितिन को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी सिटी हिमांशु गौरव ने बताया कि जांच में पाया गया कि आरोपियों ने अपने परिचित दीपक व संदीप को रुपये का लालच देकर उनकी दस्तावेजों से बोगस फर्म बनाकर जीएसटी में पंजीकरण कराया। जांच में धरातल पर दोनों की फर्में नहीं मिली। दीपक और संदीप से पूछताछ करने पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
आरोपियों ने बोगस फर्म से फर्जी खरीद और बिक्री दिखाकर फर्जी इनवाइस और ईवे बिल के सहारे दो करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) पासआन करके जीएसटी की चोरी की गई। आरोपियों के पास से पुलिस ने 10 फर्जी मोहरें के साथ ही 7 मोबाइल फोन और एक लैपटाप बरामद किया है। लैपटाॅप से पुलिस को डिजिटल साक्ष्य के रूप में फर्जी बिल, लेनदेन का ब्योरा आदि मिला है। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ संदिग्ध लोगों के नंबर भी मिले हैं। इसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

