नूंहः जिले में तावड़ू उपमंडल के जोरासी गांव स्थित वेयरहाउस से आज दोपहर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। इस घटना को लेकर कर्मियों में हड़कंप मच गया है और लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया। आग की भीषण लपटों को देखकर गांव वासियों के होश उड़ा दिए। दरअसल, ज्वलनशील और प्लास्टिक के सामान की मौजूदगी के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें और काले धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। लोगों द्वारा घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई है।
सूचना मिलते ही तावड़ू फायर स्टेशन से गाड़ियां रवाना हुईं, लेकिन आग इतनी बेकाबू थी कि प्रशासन को तुरंत भिवाड़ी (राजस्थान), बिलासपुर, सोहना और जिला मुख्यालय नूंह से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां मंगवानी पड़ीं। दमकल कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर कई घंटों तक ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ चलाया और आग को रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ने से रोका। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वेयरहाउस में भारी मात्रा में होलसेल का सामान स्टॉक किया गया था। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि वेयरहाउस की लोहे की चद्दरें पिघल गईं और दीवारों में दरारें आ गईं। हालांकि, अभी तक नुकसान का कोई सटीक सरकारी आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती कयासों के मुताबिक नुकसान करोड़ों में है।
राहत की बात यह रही कि जैसे ही धुआं उठा, अंदर काम कर रहे कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल मौके पर तैनात है और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। नूंह प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। दमकल विभाग के अधिकारियों का मानना है कि प्राथमिक तौर पर आग लगने की वजह ‘शॉर्ट सर्किट’ हो सकती है, लेकिन एफएसएल (FSL) की टीम और तकनीकी विशेषज्ञों की जांच के बाद ही असली कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल, पूरे इलाके में धुएं की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है और दमकल की टीमें ‘कूलिंग’ की प्रक्रिया में जुटी हैं।
