गाजीपुर: दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर रेल पटरी टूटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर चिंता बढ़ गई है। बुधवार की आधी रात के बाद धीना और जमानियां रेलवे स्टेशन के बीच डाउन लाइन पर पटरी टूट गई। गनीमत रही कि ड्यूटी पर तैनात पेट्रोलिंग कर्मचारी ने समय रहते टूटी पटरी को देख लिया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया।
बुधवार की मध्यरात्रि के बाद रेल पटरी टूटने की जानकारी सामने आते ही रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात रेलकर्मी ने समय रहते इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कदम उठाए। इस दौरान 12141 एलटीटी-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को नियंत्रित कर रोक दिया गया, ताकि ट्रेन टूटी पटरी वाले हिस्से से सुरक्षित तरीके से गुजर सके।
क्लैंप लगाकर की गई अस्थायी मरम्मत
सूचना मिलने के बाद रेल पथ विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने टूटी पटरी पर क्लैंप बांधकर अस्थायी मरम्मत की। इसके बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों को धीमी गति से चलाने का निर्देश दिया गया।
रेलवे की ओर से इस हिस्से में ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तय की गई। मरम्मत के कारण एलटीटी-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंची। ट्रेन को स्थानीय स्टेशन पर रात एक बजे पहुंचना था, लेकिन पटरी टूटने की घटना के चलते वह 58 मिनट की देरी से पहुंची।
रेल पथ विभाग के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता लल्लन ने बताया कि टूटी पटरी को दुरुस्त कर दिया गया है। इसके बाद काशन यानी धीमी गति से ट्रेन चलाने के निर्देश के साथ रेल परिचालन शुरू करा दिया गया।
21 अक्टूबर को भी टूट चुकी है पटरी
धीना और जमानियां स्टेशन के बीच पटरी टूटने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 21 अक्टूबर को भी इसी रेलखंड पर पटरी टूटने की घटना सामने आई थी।उस दौरान 20501 अगरतला-आनंद विहार तेजस राजधानी एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजर गई थी। ट्रेन के चालक को अचानक झटका महसूस हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत जमानियां स्टेशन को इसकी सूचना दी। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर रेल परिचालन रोक दिया था। इस वजह से करीब एक घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही थी।
लगातार घटनाओं से रेल सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर कम समय के अंतराल में पटरी टूटने की दो घटनाएं सामने आने से रेल सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं में समय रहते जानकारी मिलने से बड़े हादसे टल गए। रेलवे के लिए अब जरूरी है कि इस रेलखंड पर पटरी की नियमित जांच और निगरानी को और मजबूत किया जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
