रामनगरः बाराबंकी के थाना क्षेत्र के महादेवा गांव में आंगनबाड़ी कार्यकत्री 45 वर्षीय मंजू गौतम का बेहरमी से कत्ल कर दिया गया था। वहीं इस मामले में पुलिस ने मृतिका के भाई और भाभी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 30 अक्टूबर को मंजू घर की रसोई में खाना बना रही थी। इसी दौरान उसके भाई संदीप और भाभी शीतल उर्फ मायावती ने उस पर ईंट से हमला कर दिया। दोनों ने मंजू के सिर और मुंह पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए।
एक नवंबर को मृतका की बहन वंदना पत्नी ओमप्रकाश निवासी बिंदौरा परसपुर ने रामनगर थाने में तहरीर देकर अपने भाई संदीप और भाभी शीतल पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी संदीप का मकान महादेवा कॉरिडोर में चला गया था। इसके बदले उसे करीब 42 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। संदीप यह रकम अपनी बहन मंजू के साथ साझा नहीं करना चाहता था। इसी बात को लेकर उसके मन में रंजिश थी। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश में संदीप ने अपनी पत्नी शीतल के साथ मिलकर 30 अक्टूबर को मंजू की हत्या की योजना बनाई और दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देश पर स्वाट, सर्विलांस और रामनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने मैनुअल इंटेलीजेंस और डिजिटल डेटा की मदद से हत्याकांड का खुलासा किया।
मंगलवार, तीन नवंबर को पुलिस ने गजपतिपुर मोड़ के पास से आरोपी संदीप पुत्र सेमई और उसकी पत्नी शीतल उर्फ मायावती निवासी महादेवा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई एक ईंट भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। संदीप के खिलाफ पूर्व के छह मुकदमे और शीतल के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में दोनों के खिलाफ रामनगर थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में कार्रवाई की जा रही है। हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी अंकित त्रिपाठी, सर्विलांस प्रभारी अजय सिंह और रामनगर प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह समेत तीनों टीमों के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
