चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में प्रस्तुत महत्वपूर्ण प्रस्तावों के समर्थन में बोलते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को ‘फ्रीबीज़ ’ कहकर खारिज करना उन आम लोगों की आशाओं, अपेक्षाओं और अधिकारों का अपमान है, जिनके जीवन में इन योजनाओं ने सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि जन-केंद्रित कल्याणकारी योजनाएं वोटों की राजनीति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और समावेशी विकास सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण साधन हैं।
सदन में अपने संबोधन के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता का वास्तविक मापदंड यह है कि उसकी नीतियों का लाभ आम नागरिकों तक किस सीमा तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़कों, इमारतों और बुनियादी ढांचे का निर्माण करना नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना, सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके घरों में खुशहाली लाना भी विकास का अभिन्न हिस्सा है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सामाजिक न्याय को मजबूत करने और समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाने के लिए अनेक जनहितैषी पहल की हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान 10 लाख से अधिक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है।