जालंधर, ENS: अली मोहल्ला में स्थित फाइन स्टोरज नामक दुकान पर हंगामा देखने को मिला। जहां 2 ग्राहकों द्वारा एक्टिवा खरीदने पर दस्तावेज ट्रांसफर करने को लेकर अधिक पैसे वसूलने के आरोप लगाए गए। दरअसल, ग्राहक का कहना है कि उसने 5 महीने पहले 62 हजार रुपए में दुकान से एक्टिवा खरीदी थी। ऐसे में अब तक वह दस्तावेज अपने नाम ट्रांसफर करने को लेकर दुकान के चक्कर काट रहे है। आरोप है कि वह जब भी दुकानदार को फोन करते है तो वह उनके फोन नहीं उठाता। जिसके कारण आज मजबूर होकर वह दुकान पर पहुंचे।
वहीं दुकान के कर्मी बलबीर ने कहा कि ग्राहक द्वारा एक्टिवा खरीदी गई थी। ऐसे में ग्राहक द्वारा बैंक लोन क्लीयर करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं पैसे अधिक लेने पर दुकान के कर्मी ने कहा कि जो फीस लोन ट्रांसफर के लिए लगती है, वहीं चार्ज मांगी जा रही है। दुकानदार ने कहा कि ग्राहक के पास एनओसी मौजूद है। ऐसे में बैंक लोन से दस्तावेज ट्रांसफर करने को लेकर अभी एक महीना और लगेंगा। दुकान के कर्मी का कहना है कि एक्टिवा का लोन क्लीयर है, लेकिन अभी ट्रांसफर नहीं हो पाई। इसी को लेकर आज ग्राहक उनके पास आए थे।
मामले की जानकारी देते हुए मार्केट के अन्य दुकानदार यश सहोता ने कहा कि एनओसी क्लीयर है, लेकिन बैंक से लोन कटाने को लेकर विवाद हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्राहक इसके अधिक चार्ज नहीं दे रहा, लेकिन इसकी चार्ज ग्राहक को ही देने पड़ते है। यश ने कहाकि 5 महीने के दौरान पीछे से सरकारी पोर्टल पर कामकाज ठप था। जिसके बाद अब कामकाज शुरू हुआ और अब चार्ज में बढ़ोतरी हुई है। जिसको लेकर दुकानदार द्वारा उसके चार्ज मांगे जा रहे है, जिसको लेकर गलतफहमी हो गई थी। ऐसे में दोनों से बातचीत होकर मामले को सुलझा लिया गया है।
वहीं ग्राहक ने कहा कि उसके द्वारा दुकान से सैकेंड हैंड एक्टिवा खरीदी गई थी। ऐसे में 5 महीने पहले गाड़ी के दस्तावेज बैंक से अपने नाम ट्रांसफर करने के लिए 2 हजार रुपए मांगे गए। ग्राहक ने कहा कि उनके द्वारा ट्रांसफर गाड़ी करने के पैसे दुकानदार को दे दिए गए। जिसके बाद दुकानदार द्वारा टाल-मटौल किया जाता रहा। ग्राहक ने कहा कि अब वह दुकान पर पहुंचा तो दुकानदार द्वारा अब कुल 4 हजार रुपए मांगे जा रहे है। जिसमें से 2 हजार रुपए पहले दे दिए गए। ग्राहक ने कहा कि वह कई बार फोन भी कर चुका है, लेकिन दुकानदार द्वारा फोन नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि दस्तावेज की फोटो कॉपी उनके पास है, जबकि असल दस्तावेज दुकानदार के पास है। ग्राहक के अनुसार बैंक से अभी तक दस्तावेज ट्रांसफर नहीं हुए है। ऐसे में उनके द्वारा दुकानदार पर कार्रवाई करने की अपील की गई।
वहीं ग्राहक शेर सिंह ने कहा कि उनके दवारा 62 हजार में एक्टिवा नगद खरीदी गई थी। व्यक्ति ने कहा कि दस्तावेज क्लीयर नहीं है। ऐसे में आरसी पर पहले से बैंक से लोन लिया हुआ था। दुकानदार से दस्तावेज के बारे में पूछा गया तो दुकानदार ने कहा कि दस्तावेज पूरे है, लेकिन अब तक आरसी उनके नाम पर ट्रांसफर नहीं की जा रही। पीड़ित ने कहाकि 5 महीने पहले खरीदी एक्टिवा को लेकर वह काफी परेशान है। जिसके कारण आज वह दुकान पर दस्तावेज अपने नाम ट्रांसफर करने के लिए आए है।